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Mahakumbh 2025 : तीन करोड़ से ज्यादा लोग कर चुके हैं ट्रेनों में यात्रा, मंगलवार को पार हो गया यह आंकड़ा

Tue, 18 Feb 2025 07:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Railway News : संगम स्नान करने के लिए महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं का सर्वाधिक दबाव रेलवे स्टेशनों पर है। मेला क्षेत्र के आठ स्टेशनों में सबसे ज्यादा भीड़ जंक्शन पर हो रही है। भीड़ इतनी की मेले में एनाउंस कराना पड़ रहा है कि वहां काफी भीड़ है अभी जंक्शन पर न जाएं। 
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प्रयागराज जंक्शन पर भारी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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महाकुंभ के मौके पर रेलवे में इस बार रिकॉर्ड संख्या में यात्री सफर कर रहे हैं। यह पहला मौका है कि महाकुंभ के अवसर पर सिर्फ ट्रेनों से ही सफर करने वाले यात्रियों की संख्या तीन करोड़ के पार हो चुकी है। अभी महाकुंभ 26 फरवरी तक है, ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों का आंकड़ा चार करोड़ को पार कर सकता है।

महाकुंभ के मौके पर रेलवे प्रशासन ने इस बार 13 हजार रूटीन और स्पेशल ट्रेन चलाए जाने की योजना बनाई, लेकिन भीड़ का आलम यह है कि 18 फरवरी तक ही 13 हजार से ज्यादा रूटीन और स्पेशल ट्रेनों की आवाजाही प्रयागराज और शहर के अन्य रेलवे स्टेशनों से हो चुकी है। जिस हिसाब से यहां यात्रियों की आवाजाही हो रही है, उसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि महाशिवरात्रि के पहले ही कुल संचालित ट्रेनों की संख्या 14 हजार के आंकड़े को आसानी से पार कर जाएगी।

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प्रयागराज जंक्शन पर यात्रियों की भारी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
बड़ी संख्या में चलाई जा रहीं स्पेशल ट्रेनें

सोमवार 17 फरवरी की ही बात करें तो प्रयागराज जंक्शन समेत शहर के आठ रेलवे स्टेशनों से कुल 362 ट्रेनों का आवागमन हुआ। इसमें 182 स्पेशल और 170 रूटीन की ट्रेनें रही। इससे 18.60 लाख यात्रियों की आवाजाही हुई। वहीं मंगलवार की शाम छह बजे तक 201 ट्रेनें संचालित की जा चुकी थीं। इसमें 103 स्पेशल और 98 रूटीन की ट्रेनें शामिल रहीं। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी का कहना है कि यात्री सुविधा के लिए इस बार रिकार्ड संख्या में स्पेशल ट्रेनों का संचालन हो रहा है। उन्होंने बताया कि13 जनवरी से 16 फरवरी तक ही 3.09 करोड़ यात्री ट्रेनों में सफर कर चुके हैं।

प्रयागराज जंक्शन पर यात्रियों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

रातभर खूसरोबाग से ही जंक्शन भेजे जाते रहे यात्री, लागू रहा इमरजेंसी प्लान

बिना स्नान पर्व के भी प्रयागराज जंक्शन व शहर के अन्य रेलवे स्टेशनों पर भीड़ उमड़ी। आलम यह रहा कि मौनी अमावस्या के बाद पहली बार खुसरोबाग आश्रयस्थल रातभर खुला रहा। इसी के माध्यम से लोगों को जंक्शन भेजा गया। इस बीच रेलवे का इमरजेंसी प्लान सोमवार को भी लागू रहा। सभी स्टेशनों से ऑन डिमांड ट्रेनों का संचालन हुआ।

रात नौ बजे तक 308 ट्रेनों का संचालन किया जा चुका था। जंक्शन, छिवकी, नैनी, झूंसी में बहुत सी ट्रेनों के दरवाजे पर यात्री लटक कर रवाना हुए। कुछ स्पेशल की आपातकालीन खिड़की से भी यात्री कोच के अंदर घुसे। वहीं, रूटीन ट्रेनों के आरक्षित कोच के शौचालय में भी यात्री सवार हो गए। रेलवे ने सोमवार को जो ट्रेनें चलाईं, उसमें 118 स्पेशल व 158 नियमित रहीं।

प्रयागराज जंक्शन पर यात्रियों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

सर्वाधिक भीड़ प्रयागराज जंक्शन पर

माघी पूर्णिमा का स्नान होने के बाद पड़े पहले वीकेंड में उम्मीद से ज्यादा भीड़ तमाम ट्रेनों से प्रयागराज पहुंची। इससे रेलवे को इमरजेंसी प्लान लागू करना पड़ा। शहर के सभी स्टेशनों में से सर्वाधिक भीड़ प्रयागराज जंक्शन ही पहुंच रही है। इससे जंक्शन पर भीड़ का दबाव कम करने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से खुसरोबाग आश्रयस्थल का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है।

दो दिन से लगातार इसी आश्रयस्थल से श्रद्धालुओं को जंक्शन भेजा जा रहा है। संगम से जानसेनगंज आने के बाद श्रद्धालु चौक, नखास कोहना, खुल्दाबाद होते हुए खुसरोबाग में भेजे जा रहे हैं। हालांकि, इस डायवर्जन से यात्रियों को भी परेशानी हुई। बिहार के डेहरी ऑन सोन से संगम स्नान के बाद खुसरोबाग पहुंचीं नीलम और उनके पति हरीश पासवान ने बताया कि उन्हें आज काफी चलना पड़ा। कोसी मथुरा के डोरी लाल शर्मा ने कहा कि उनके पैरों में अब जान नहीं बची है। कहा कि तेज धूप से भी काफी दिक्कत हुई।

प्रयागराज जंक्शन। - फोटो : अमर उजाला।

फाफामऊ से पहली बार चली पांच स्पेशल

इसी तरह झूंसी, नैनी और प्रयागराज छिवकी में भी काफी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। सोमवार को भी इन स्टेशनों पर खूब भीड़ रही। उधर, प्रयाग में भीड़ का दवाब कम करने के लिए काफी संख्या में यात्री फाफामऊ स्टेशन डायवर्ट किए गए। इसी वजह से सोमवार को फाफामऊ से पहली बार 05 स्पेशल ट्रेनें चला दी गईं। सूबेदारगंज से भी 10 स्पेशल का संचालन हुआ। इसी तरह प्रयागराज जंक्शन से 76, छिवकी से 18, नैनी से 15, प्रयाग से 09 एवं रामबाग से 05 स्पेशल चलाई गईं।

प्रयागराज जंक्शन पर उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

जंक्शन पर भीड़ ज्यादा है एक घंटे बाद जाएं...

महाकुंभ नगर में रविवारऔर सोमवार को एनाउंसमेंट कराना पड़ा कि प्रयागराज जंक्शन पर भीड़ ज्यादा है। यात्री एक घंटे बाद वहां जाएं। शाम को प्रयागराज जंक्शन पर काफी भीड़ हो गई। इससे मेला कंट्रोल रूम से एनाउंसमेंट शुरू हो गया कि प्रयागराज जंक्शन पर भीड़ है, एक घंटे के बाद ही जाएं। प्रयागराज जंक्शन की बात करें तो यहां से बिहार की ओर जाने वाले यात्री सर्वाधिक रहे। प्लेटफॉर्म चार-पांच पर अन्य के मुकाबले कहीं ज्यादा भीड़ रही। यही स्थिति मंगलवार को भी रही।

प्रयागराज जंक्शन पर ट्रेन में चढ़ने के लिए करनी पड़ रही जद्दोजहद। - फोटो : अमर उजाला।

बिना टिकट किया सफर तो देना होगा जुर्माना, बढ़ी चेकिंग

पुण्य की डुबकी लगाने के लिए ट्रेन से आ रहे हैं तो टिकट जरूर लें, वरना पकड़े जाने पर प्रयागराज आने से रोका जा सकता है। वहीं, जुर्माने संग कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। महाकुंभ के दौरान प्रयागराज आने वाली अधिकांश ट्रेनों में हजारों की संख्या में ऐसे लोग हैं, जो बिना टिकट ही सफर कर रहे हैं।

वसंत पंचमी के बाद ऐसे यात्रियों का ग्राफ बढ़ा है। तमाम ट्रेनों के एसी फर्स्ट, एसी टू, एसी थ्री, स्लीपर कोच में जितने यात्री कंफर्म बर्थ वाले होते हैं, उससे कहीं ज्यादा बेटिकट उन कोचों में सवार होकर प्रयागराज पहुंच रहे हैं। इसी वजह से रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज के आसपास वाले स्टेशनों टिकट चेकिंग अभियान शुरू भी किया है।

प्रयागराज शहर के स्टेशनों पर भीड़ से रेलवे भले ही चेकिंग न करे। लेकिन, आसपास के अन्य शहरों में टिकट के लिए जांच शुरू हो गई है। फतेहपुर, मिर्जापुर, मानिकपुर, कानपुर आदि स्टेशनों पर औचक शुरू हुई है। तमाम बेटिकट लोगों से जुर्माना भी वसूला गया है। 

प्रयागराज जंक्शन पर ट्रेन में चढ़ने के लिए करनी पड़ रही जद्दोजहद। - फोटो : अमर उजाला।

मौनी अमावस्या से ज्यादा 16 फरवरी को चलीं ट्रेनें

रेलवे ने रविवार को मौनी अमावस्या से ज्यादा ट्रेनें संचालित कीं। महाकुंभ के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर रेलवे ने 364 ट्रेनें चलाई थीं। वहीं, रविवार को रेलवे को 388 ट्रेनें चलानी पड़ीं। महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर पूर्व के सभी अनुमान ध्वस्त हो चुके हैं। प्रमुख स्नान पर्व कब के बीत चुके हैं। इसके बाद भी स्नानार्थियों की संख्या में कमी नहीं आ रही है बल्कि बढ़ती जा रही है। रेलवे को इमरजेंसी प्लान लागू करना पड़ा। ऑन डिमांड ट्रेनें चलाई जा रहीं हैं।

16 फरवरी को शहर के आठ स्टेशनों से कुल 388 ट्रेनें चलीं। इसमें उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे ने 179 स्पेशल ट्रेनें संचालित की। एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर 222 मेला स्पेशल समेत कुल 364 ट्रेनों का संचालन किया गया, जबकि 16 फरवरी को इन सभी स्टेशनों से 388 ट्रेनें संचालित कर दी गईं। सबसे ज्यादा 86 स्पेशल प्रयागराज जंक्शन से चलीं। यहां से 91 रेगुलर ट्रेनें भी संचालित की गई।

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प्रयागराज जंक्शन पर उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

16 फरवरी को इस तरह से हुआ ट्रेनों का संचालन

स्टेशन का नाम : स्पेशल ट्रेन की संख्या : नियमित ट्रेन की संख्या

प्रयागराज जंक्शन : 86 : 91

प्रयागराज छिवकी : 20 : 35

नैनी जंक्शन : 20 : 28

सूबेदारगंज : 06 : 09

प्रयाग जंक्शन : 14 : 15

फाफामऊ जंक्शन : 02 : 12

प्रयागराज रामबाग : 06 : 09

झूंसी : 25 : 10

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