कैसे काम करते हैं कैमरे
अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों की जानकारी और फोटो एफआरएस (फेस रिकग्निशन सिस्टम) में लगा दी जाती है। जब कभी भी अपराधी स्टेशनों में लगे एफआरएस के किसी भी कैमरे में नजर आएगा तो उसका कंट्रोल रूम में अलर्ट मैसेज आ जाएगा। फिर कंट्रोल रूम में बैठे ऑपरेटर को मौजूद रेलवे पुलिस के स्टाफ को यह सूचना लोकेशन के साथ देनी होगी, ताकि संबंधित अपराधी को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।
महाकुंभ 2025 तक फेशियल रिकग्निशन कैमरे जंक्शन समेत एनसीआर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर रेलवे खुद लगाएगा। बाद में अन्य स्टेशनों पर रेलटेल के माध्यम से इसे लगाए जाने की तैयारी की जा रही है। - हिमांशु शेखर उपाध्याय, सीपीआरओ, एनसीआर।