डिजिटल गैलरी चंद मिनटों में संविधान की यात्रा का वृत्तांत बता रही है। स्क्रीन टच से खुल रहे संविधान के पन्ने इंटरैक्टिव वॉल इतिहास बता रही है। संविधान की यात्रा को महाकुंभ में जीवंत किया जा रहा है।
डिजिटल महाकुंभ में इस बार धर्म, संस्कृति के साथ ही भारतीय संविधान को भी डिजिटल रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। यहां बनाई गई डिजिटल गैलरी संविधान की यात्रा को जीवंत कर रही है।
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स्क्रीन टच करने पर संविधान की किताब के पन्ने खुल रहे हैं तो इंटरैक्टिव वॉल संविधान के बनने से लेकर उसके लागू होने तक के समय काल से जुड़े हर ऐतिहासिक लम्हों से लोगों को रूबरू करा रही है।
संसदीय कार्य विभाग की ओर से त्रिवेणी मार्ग पर यह गैलरी लगाई गई है। इसमें संविधान के हर पहलुओं से तकनीक के माध्यम से परिचित होने का अनूठा अनुभव लोगों को प्राप्त हो रहा है। गैलरी में अलग-अलग कॉर्नर बनाए गए हैं, जिसमें संविधान, उसके निर्माताओं व ऐतिहासिक प्रसंगों की प्रस्तुति दी गई है।
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यहां एक डिजिटल स्क्रीन लगाई गई है, जिस पर एक टच से आप संविधान के पन्ने पलट सकते हैं। इसके साथ ही टाइमलाइन ऑप्शन के जरिये संविधान की यात्रा के महत्वपूर्ण कालखंडों को चंद सेकेंडों में वर्षवार देख सकते हैं।
एक इंटरैक्टिव वॉल भी है जिस पर संविधान के निर्माण के क्रम में संविधान सभा के सदस्यों के अथक प्रयासों को चित्रों के जरिये तो दर्शाया ही गया है। इसके साथ ही यहां वीआर हेडसेट के जरिये उन गौरवशाली पलों को महसूस करने की भी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके अलावा एक ऑडियो-वीडियो वॉल के जरिये संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद व प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. बीआर आंबेडकर के भाषण को देखा व सुना भी जा सकता है। इसके अलावा गैलरी के एंट्री प्वाइंट पर टच स्क्रीन सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है। जहां आप एक टच पर राष्ट्रीय चिह्न अशोक स्तंभ के साथ सेल्फी ले सकते हैं।
राष्ट्रीय ध्वज से लेकर राष्ट्रगान तक की कहानी
राष्ट्रगान 'जन गण मन' को लेकर किस तरह एक बार भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई और फिर गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर ने कैसे इसे लेकर स्थिति स्पष्ट की, ऐसे कई रोचक प्रसंगों का भी विवरण यहां दिया गया है। इसके अलावा संविधान के सभी भागों में उल्लेखित चित्रों और उनका वर्णन भी अलग-अलग एलईडी डिस्प्ले वॉल के जरिये आकर्षक ढंग से किया गया है।
गैलरी की परिकल्पना से लेकर व्यवस्थापन तक का कार्य देख रहे प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि लोग आसानी व कम समय में संविधान की विशेषताओं से न सिर्फ रूबरू हो सकें, बल्कि डिजिटल तकनीक के जरिये महसूस भी कर सकें, यही इस गैलरी लगाने का उद्देश्य है।