मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के वक्तव्य उनके सनातन धर्म विरोधी चरित्र को उजागर करते हैं। उनके बयान न केवल सनातन धर्म पर प्रहार है, बल्कि निंदनीय व शर्मनाक हैं। कांग्रेस अध्यक्ष का कहना कि मौनी अमावस्या में हजारों लोग मर गए, यह अफसोसजनक है। दोनों नेता झूठ पर झूठ बोल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस ने मिलकर क्विक रिस्पांस से घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया। इसमें कुछ लोग हादसे का शिकार हुए जो अत्यंत दुखद है, लेकिन विपक्ष का यह कहना कि कोई आंकड़ें नहीं दिए गए, गलत है।
लीडर नहीं, रीडर के रूप में बयान पढ़कर सपा नेता करा रहे जग हंसाई
योगी ने कहा कि सपा अध्यक्ष का वक्तव्य है कि सरकार ने 100 करोड़ की घोषणा की थी, उन्हें बयान पढ़ना चाहिए। यह 12 बजे सोकर उठने वाले लोग हैं। कार्यालय स्टाफ जैसा नोट बनाकर देता है, वैसा ही वक्तव्य प्रस्तुत करते हैं। यह लीडर नहीं, बल्कि रीडर के रूप में उस वक्तव्य को पढ़कर अपनी व राजनेताओं की जग हंसाई कराते हैं। मैंने बार-बार कहा कि महाकुंभ में 40-45 करोड़ श्रद्धालु भागीदार बनेंगे। 22 दिन के अंदर अब तक 38 करोड़ श्रद्धालु आ चुके हैं।
कोई भी परंपरा नहीं हुई बाधित
सीएम ने कहा कि विपक्षी दल व सनातन धर्म विरोधी कह रहे हैं कि लाखों लोगों ने स्नान नहीं किया। अमृत व शाही स्नान नहीं हुआ, यह गुमराह करने वाला है। योगी ने कहा कि कोई भी परंपरा बाधित नहीं हुई। मौनी अमावस्या का स्नान पहले दिन शाम साढ़े सात बजे से प्रारंभ हो गया था, अगले दिन देर शाम तक मुहूर्त था। हादसे के तत्काल बाद अखाड़ों ने मेला प्राधिकरण से बात कर अपना स्नान कुछ देर के लिए स्थगित किया था। फिर मेरी बातचीत हुई, दोपहर बाद सभी अखाड़े, संतजन, आचार्य महामंडलेश्वर स्नान का हिस्सा बने। सभी स्नान परंपरागत तरीके से हुए।