करीब साढ़े नौ घंटे तक होगा अखाड़ों का अमृत स्नान
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मकर संक्रांति पर्व पर अखाड़ों का अमृत स्नान करीब साढ़े नौ घंटे तक चलेगा। हालांकि, शिविर से निकलने और वापस आने में 12 घंटे से भी अधिक समय लगेगा। प्रशासन की ओर से मान्यता एवं परंपरा के अनुसार पूरी तैयारी की गई है।
अमृत स्नान के लिए अखाड़ों के संतों एवं नागाओं के स्नान का समय तय हो गया है। सबसे पहले महानिर्वाणी एवं अटल अखाड़े के संत स्नान करेंगे। शिविर से इनका प्रस्थान सुबह करीब सवा पांच बजे होगा और संगम पर सवा छह बजे पहुंचेंगे। करीब 40 मिनट तक अमृत स्नान होगा। इनके बाद निरंजनी एवं आनंद अखाड़ा के संत 7.05 बजे स्नान करेंगे।इसी क्रम में जूना, आवाहन एवं पंच अग्नि अखाड़ा के संत एक साथ सुबह आठ बजे स्नान करेंगे। इनके बाद निर्वाणी, दिगंबर, निर्मोही अखाड़ा के संत क्रमश: 10.40, 11.20 एवं 12.20 बजे स्नान करेंगे।
इनके बाद नया पंचायती अखाड़ा के संत दिन में 1.15 तथा बडा पंचायती के 2.20 बजे स्नान करेंगे। निर्मला पंचायती अखाड़ा के संत आखिर में 3.40 से 4.20 बजे तक स्नान करेंगे। इसके बाद करीब 5.20 बजे वह अपने शिविरों में पहुंचेंगे। अमृत स्नान के लिए मेला प्रशासन की ओर से पूरी तैयारी की बात कही जा रही है। अखाड़ों के स्नान के संगम पर घाट सुरक्षित रहेगा। उस दौरान अन्य कोई स्नान नहीं करेगा। अखाड़ों के आवागमन के लिए दो मार्ग बनाए गए हैं। दोनों मार्ग बैरिकेड कर दिए गए हैं। बैरिकेडिंग दो स्तर पर की गई है। ताकि, संतों तक कोई पहुंच न सके।
करीब साढ़े नौ घंटे तक होगा अखाड़ों का अमृत स्नान
| अखाड़े |
संगम पर आगमन (समय) |
स्नान का समय (मिनट में) |
| महानिर्वाणी एवं अटल |
6:15 |
40 |
| निरंजनी एवं आनंद |
7:05 |
40 |
| जूना, आवाहन एवं पंच अग्नि |
8:00 |
40 |
| निर्मोही |
10:40 |
30 |
| दिगम्बर |
11:20 |
50 |
| निर्वाणी |
12:20 |
30 |
| नया पंचायती |
13:15 |
55 |
| बड़ा पंचायती |
14:20 |
60 |
| निर्मल पंचायती |
15:40 |
40 |