सरगना ही डालता है एड, मुहैया कराता है खाता नंबर
गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ में यह भी बताया है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम पर एड डालने से लेकर खाता नंबर मुहैया कराने का काम सरगना राहुल ही करता है। वह ही यह तय करता है कि सोशल मीडिया पर कब कौन सा एड डाला जाएगा। इसके साथ ही वह ही उन खातों का नंबर देता है, जिनमें ठगी से जमा कराई गई रकम भेजनी है। यह भी बताया कि राहुल से उनकी मुलाकात सिर्फ एक बार गोपालगंज में हुई थी। वहां राहुल ने ही उन्हें ट्रेनिंग दी और लैपटॉप व मोबाइल फोन भी उपलब्ध कराया। इसके बाद उनकी रिपोर्टिंग मनीष व शिवम को थी।
10 से एक फीसदी तक, सबका तय था कमीशन
पुलिस के मुताबिक, जांच में यह बात भी सामने आई है कि गिरोह में शामिल सभी सदस्यों को ठगी की रकम में से कमीशन दिया जाता था और यह 10 से लेकर एक फीसदी तक था। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि सबसे ज्यादा 10-10 फीसदी कमीशन मनीष व शिवम को मिलता था। इसके बाद विजय काे पांच फीसदी व अन्य को दो व एक फीसदी कमीशन रोजाना कमाई की रकम में से दी जाती थी। शेष पैसा सरगना राहुल के बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए जाते थे।
हाथ आते-आते रह गए शिवम व मनीष
सरगना राहुल के दो खास गुर्गे प्रयागराज पुलिस के हाथ आते-आते रह गए। दरअसल, दो दिन पहले तक यहां शिवम मौजूद था। अचानक कुछ काम आने से वह दो दिन पहले गोपालगंज चला गया था। जबकि मनीष राव उर्फ चिंटू व मनीष सोनी दोनों 10 जून को पुलिस के पहुंचने से कुछ देर पहले ही फ्लैट से निकले थे। शिवम व मनीष यहां चल रहे धंधे की रिपोर्ट लेने आए थे।