मेला प्राधिकरण की बैठक में भिड़े अखाड़ा परिषद के संत।
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मेला प्राधिकरण कार्यालय में मारपीट के बाद अखाड़ा परिषद के दोनों धड़े के संतों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। हमले के बाद निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष महंत राजेंद्र दास ने जहां एक धड़े के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी, महामंत्री हरि गिरि और जूना अखाड़े के अध्यक्ष महंत प्रेम गिरि समेत 20-25 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तहरीर दी है, वहीं देर शाम अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी और जूना अखाड़े के अध्यक्ष प्रेम गिरि ने भी राजेंद्र दास और उनके समर्थकों के खिलाफ मेलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया और दोषियों के खिलाफ एफआईआर की गुहार लगाई।
महंत राजेंद्र दास ने अपनी तहरीर में लिखा है कि दोपहर दो बजे मेला कार्यालय में भूमि अवलोकन के लिए बुलाया गया था। बैठक से पहले ही जूना अखाड़े के महंत हरि गिरि, महंत प्रेम गिरि और निरंजनी अखाड़े के रवींद्र पुरी ने अपने समर्थकों के साथ उन पर जानलेवा हमला कर दिया। मारपीट के बाद उनको जान से मारने की धमकी भी दी गई। हमले की यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है।
महंत राजेंद्र दास पर हमले के विरोध में पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी, पंचायती अखाड़ा शंभू अटल, पंचायती अखाड़ा निर्मल, पंच निर्मोही अनि, पंच दिगंबर अनि और पंच निर्वाणी अनि के प्रतिनिधियों ने एक साथ मेलाधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षरित पत्र दिया। इसमें छह अखाड़े के पदाधिकारियों ने राजेंद्र दास पर हमला करने वाले संतों पर एफआईआर लिखकर कार्रवाई करने की बात कही है।