माघ मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
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स्नान के बाद वापसी मार्गों पर विशेष सतर्कता के निर्देश
आठ सौ हेक्टेयर और सात सेक्टरों में बसाए गए मेला क्षेत्र से रविवार को ही कल्पवासी घर वापसी करने लगेंगे। मेलाधिकारी ऋषिराज के मुताबिक व्यवस्था की जा रही है कि वापसी मार्गों पर श्रद्धालुओं को दिक्कत न हो। पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार ने एसपी मेला नीरज पांडेय व अन्य मातहतों संग बैठक कर कहा कि भीड़ नियंत्रण की रणनीति को समय-समय पर लागू किया जाए।
पूर्णिमा पर मेला जाने से ज्यादा लौटने वालों की भीड़ होगी। इसलिए वापसी मार्ग खाली रहें, यातायात चलायमान रहे और कहीं भी जाम न लगे, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी है।वापसी मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वापसी मार्ग पर क्रेन और वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था करने को भी कहा है ताकी कोई वाहन खराब हो तो उन्हें तुरंत हटाकर रास्ता खाली कराया जा सके। एसपी के मुताबिक यातायात नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
माघी पूर्णिमा के मद्देनजर घाटों का किया जा रहा निर्माण।
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स्नान घाट तैयार, पुलिस बल तैनात
पूर्णिमा स्नान के लिए प्रशासन ने स्नान घाट तैयार करा लिए हैं। मेलाधिकारी के मुताबिक सभी 24 घाटों पर बालू भरी बोरियां और पुआल डाला गया है। जहां कटान है वहां श्रद्धालु न जाएं इसके लिए बैरीकेडिंग की गई है। सफाई पर पूरा जोर है। घाटों के किनारे चेंजिंग रूम की सफाई कराई गई है। एसपी मेला ने बताया निर्देश दिए गए हैं कि कल्पवासियों के परिजनों के वाहन शिविरों तक न पहुंच पाएं तो निकटस्थ पार्किंग स्थल तक ले जाने दिया जाए। पुलिस कर्मियों का व्यवहार कुशल हो। पूछने पर लोगों को सही जानकारी दी जाए। उन्होंने बताया कि सभी थानेदारों और करीब दस हजार जवानों को इस बार भी लगाया गया है। घाटों पर एनडीआरएफ के साथ एसडीआरएफ और गोताखोर तैनात किए गए हैं। आरएएफ भी मदद के लिए मुस्तैद रहेगी। भीड़ नियंत्रण के लिए सीसीटीवी से निगरानी कर पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।