मेले में इस बार पैराग्लाइडिंग और वाटर स्पोर्ट्स भी
महाकुंभ के बाद होने वाला पहला माघ मेला इस बार खास होगा। एक तरफ भक्ति, कला व सांस्कृतिक का संगम होगा तो दूसरी ओर मनोरंजन, पर्यटन और साहसी खेल की त्रिवेणी में गोता लगाने का मौका भी मिलेगा। मेले का स्वरूप काफी कुछ महाकुंभ जैसा होगा। महाकुंभ की तरह माघ मेले में भी श्रद्धालुओं व पर्यटकों को हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने की तैयारी है। हेलीकॉप्टर पर बैठकर पूरे मेले का नजारा देख जा सकेगा। इसके अलावा पैराग्लाइडिंग की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी और हॉट एयर बैलून में आसमान के रास्ते मेला क्षेत्र की सैर करने का मौका मिलेगा।
मेले में आने वालों के लिए वाटर स्पोर्ट्स एवं मनोरंजन के अन्य संसाधन भी उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही महाकुंभ की तरह कला ग्राम व संस्कृति ग्राम भी बसेगा। कला ग्राम बसाने की जिम्मेदारी पर्यटन निगम को सौंपी गई है। अरैल की तरफ मेले की रौनक बने, इसके लिए संगीत, पर्यटन व संस्कृति के क्षेत्र में अरैल को विकसित किया जा रहा है। ‘चलो मन गंगा यमुना तीर’ का आयोजन स्थल भी अरैल की तरफ ले जाने की योजना है। हालांकि, इस पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है लेकिन वहां पार्किंग की बेहतर व्यवस्था होने के कारण इस कार्यक्रम के लिए अरैल को वरीयता दी जा सकती है।