भूमि आवंटन के लिए पैमाइश कराने के साथ ही दो धड़ों में बंटी खाक चौक व्यवस्था समिति के संत आमने-सामने आ गए। भूमि आवंटन में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए खाक चौक के एक धड़े के अध्यक्ष सीताराम दास गुट के संत मेलाधिकारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए।
धरनारत संतों का कहना था कि महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा को मेला प्रशासन की ओर से भूमि आवंटन की जिम्मेदारी न दी जाए। ऐसा हुआ तो खाक चौक के संतों में विवाद होना तय है। मेला प्रशासन ने दोनों गुटों के संतों को शुक्रवार को बुलाया है, ताकि सहमति बना जा सके।
खाक चौक बसाने के लिए भूमि आवंटन शुक्रवार से होगा। इससे पहले बृहस्पतिवार को खाक चौक व्यवस्था समिति के महामंत्री महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा मेला कर्मियों के साथ भूमि की पैमाइश कराने पहुंचे। संतोष दास गुट की ओर से पैमाइश कराए जाने पर सीताराम दास के धड़े के लोग सड़कों पर उतर आए। शाम को प्रयागराज मेला प्राधिकरण के दफ्तर के सामने धरना शुरू हो गया।
खुद को समिति का अध्यक्ष होने का दावा करने वाले सीताराम दास का कहना था कि संतोष दास अपने प्रभाव के बल पर मनमानी कर सकते हैं। मेलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में इस गुट के संतों ने कहा है कि एक वर्ष से समिति के संतों में वैचारिक मतभेद चल रहा है। विरोधी गतिविधियों के कारण संतोष दास को बाहर का रास्त दिखा दिया गया है। समिति के अध्यक्ष सीताराम महात्यागी हैं।
अगर संतोष दास के गुट को भूमि आवंटन की जिम्मेदारी मिलती है, तो विवाद बढ़ जाएगा। इस बीच मेला प्रशासन ने खाक चौक की रजिस्टर्ड समिति का विवरण चिट फंड एंड सोसाइटीज के रजिस्ट्रार से तलब कर लिया है। मेला प्रशासन का कहना है कि दोनों धड़ों में सहमति बनाने के लिए वार्ता की जा रही है।
उधर, संतोष दास सतुआ बाबा ने कहा कि कुछ लोग समिति में रहकर भूमि और सुविधाएं गलत तरीके से आंवटित कराकर दुरुपयोग कर रहे थे। ऐसे लोगों को मनमानी की छूट नहीं दी जानी चाहिए। समिति मेला प्रशासन के साथ मिलकर भूमि आवंटन करेगी। किसी तरह का विवाद न होने पाए, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए भी आग्रह किया गया है।
खाक चौक व्यवस्था समिति के दोनों पक्षों को शुक्रवार को बुलाया गया है। वार्ता के आधार पर हल निकालने का प्रयास किया जाएगा। सहमति न बनने पर मेला प्रशासन उचित निर्णय लेगा। शेषमणि पांडेय, मेलाधिकारी।