यह है यातायात प्रबंध
1- कानपुर-लखनऊ-प्रतापगढ़ की तरफ से आने वाले समस्त कल्पवासी अपने हल्के वाहन के साथ पांटून पुल 03,05,06 से संबंधित कल्पवास क्षेत्र में प्रवेश करेंगे।
2- वाराणसी-जौनपुर क्षेत्र की तरफ से आने वाले समस्त कल्पवासी अपने हल्के वाहन के साथ टीकरमाफी-त्रिवेणी मार्ग से संगम लोवर मार्ग होते हुए कल्पवास क्षेत्र में जाएंगे।
3- मिर्जापुर-चित्रकूट-रीवा क्षेत्र की तरफ से आने वाले समस्त कल्पवासी अपने हल्के वाहन के साथ शास्त्री ब्रिज- झूंसी जिराफ चौराहे से टीकरमाफी त्रिवेणी मार्ग से संगम लोवर मार्ग होते हुए भेजे जाएंगे।
भारी वाहनों के लिए नो इंट्री आज रात से
पौष पूर्णिमा के मद्देनजर मेला क्षेत्र के बाहर भी यातायात का दबाव बढ़ने की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए ही भारी कॉमर्शियल वाहनों के लिए अंतरजनपदीय डायवर्जन लागू किया जाएगा। इसके तहत 24 जनवरी की रात से जनपद में भारी वाहनों के लिए नो इंट्री लागू कर दी जाएगी। सूत्राें का कहना है कि यह नो इंट्री 26 जनवरी की रात तक प्रभावी रह सकती है। दरअसल 25 को पौष पूर्णिमा के बाद अगले ही दिन गणतंत्र दिवस है। इस दिन भी मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है।
रात आठ बजे के गाद केवल हेलीपैड पार्किंग तक जाएंगे श्रद्धालुओं के वाहन पौष पूर्णिमा के मद्देनजर संगम क्षेत्र में अगले दो दिनों तक श्रद्धालुओं के वाहनों के संबंध में भी प्रतिबंध लागू होगा। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के वाहन केवल हेलीपैड पार्किंग तक ही जा सकेंगे। इनमें कार व दोपहिया शामिल हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की बसें प्लॉट नंबर 17 पार्किंग स्थल में खड़े कराए जाएंगे। हेलीपैड पार्किंग से आगे वाहनों को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह प्रतिबंध बुधवार रात आठ बजे से लागू कर दिया जाएगा।