prayagraj news : माघ मेले की तैयारी जोरशोर से चल रही है।
- फोटो : prayagraj
83 फर्जी संस्थाओं को निरस्त करने की रामानुजनगर प्रबंध समिति की ओर से पहले ही मांग की जा चुकी है। एक व्यक्ति के नाम से कई संस्थाएं होने की भी बात कही गई है। ऐसे में शुक्रवार को सूची तय न होने की वजह से भूमि वितरण नहीं हो सका था। शनिवार को भी जब दोनों धड़ों के संतों में सहमति नहीं बन सकी तब मेला प्रशासन ने आचार्यबाड़ा के संतों को 90 बीघा भूमि का वितरण कर दिया।
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रामानुजनगर प्रबंध समिति प्रयाग(आचार्यबाड़ा) की ओर से उपाध्यक्ष श्रीधराचार्य, स्वामी घनश्यामाचार्य, परांकुशाचार्य और अखिल भारतीय रामानुज वैष्णव समिति आचार्य बाड़ा की ओर से अध्यक्ष अच्युतप्रपन्नाचार्य, महामंत्री कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य और चक्रपाणि महाराज, शालिग्रामाचार्य महाराज की मौजूदगी में भूमि वितरण किया गया। रामानुजनगर के उपाध्यक्ष श्रीधराचार्य ने बताया कि शेष संतों को रविवार को भूमि बांटी जाएगी और अध्यक्ष रामेश्वराचार्य की मौजूदगी में भूमि पूजन किया जाएगा। उधर, रामानुजर नगर वैष्णव प्रबंध समिति के अध्यक्ष अच्युत प्रपन्नाचार्य ने भूमि वितरण में मनमानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिना नक्शे से ही भूमि बांटी गई। उनकी संस्था के संतों को भूमि कहां और कितनी दी गई है, इसका पता ही नहीं चल सका है।
दूसरे धड़े की 83 संस्थाओं में से 30 को दी गई भूमि
रामानुजनगर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामेश्वराचार्य की ओर से जिन 83 संस्थाओं को फर्जी बताया गया था, उनमें से 30 संस्थाओं को शनिवार को भूमि वितरित कर दी गई। कहा जा रहा है कि शेष संस्थाओं को भी रविवार को आवंटन किया जाएगा। इसलिए कि यह संस्थाएं मेला प्रशासन के पुराने रिकार्ड में दर्ज हैं।