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Magh Mela : सर्दी पर भारी आस्था... चेहरे पर श्रद्धा की चमक, संगम की ओर बढ़ते रहे कदम

Sat, 03 Jan 2026 08:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर शनिवार को भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। 44 दिवसीय माघ मेले के पहले दिन पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं का जन ज्वार उमड़ पड़ा।
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Magh Mela 2026 : पौष पूर्णिमा पर संगम में डुबकी लगाने पहुंचे श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर शनिवार को भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। 44 दिवसीय माघ मेले के पहले दिन पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं का जन ज्वार उमड़ पड़ा। देश के कोने-कोने से आए संत, कल्पवासी और श्रद्धालु संगम की ओर बढ़ते नजर आए। शरीर पर शॉल, अलग-अलग वेशभूषा और चेहरे पर श्रद्धा की चमक आस्था की गवाही दे रही थी।

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कड़ाके की सर्दी भी श्रद्धालुओं के उत्साह को डिगा नहीं सकी। परिवार, गांव वालों और रिश्तेदारों के साथ श्रद्धालु पैदल ही संगम की ओर बढ़ते रहे। जैसे ही श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई, चेहरे पर थकान की जगह सुकून और आनंद साफ झलक उठा।

गुजरात के बलसार के प्रितेश कुमार अपनी पत्नी पूजा पटेल, सास मीना बेन और ससुर नंटू भाई के साथ संगम स्नान के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि पैदल चलने से थकान जरूर हुई लेकिन संगम में स्नान करते ही सारी थकान दूर हो गई। महाराष्ट्र के सोलापुर से 55 श्रद्धालुओं का एक दल संगम पहुंचा जिसमें 45 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल थे। करीब पांच किलोमीटर पैदल चलने के बाद भी उनके चेहरे पर आनंद साफ दिखाई दिया।
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मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर के प्रवीण सरासे अपनी मां गुलाबी के साथ मेला क्षेत्र पहुंचे। पहले वह वाराणसी गए और वहां दर्शन के बाद सुबह सात बजे प्रयागराज पहुंचकर संगम स्नान किया। उन्होंने बताया कि लोगों ने भीड़ और लंबी पैदल यात्रा की बात कही थी लेकिन उन्हें बिना किसी परेशानी के संगम स्नान का सौभाग्य मिला और ऐसा लगा मानो जीवन धन्य हो गया हो।
अमेठी के रामबरन विश्वकर्मा वर्ष 1983 से लगातार गंगा स्नान के लिए आते रहे हैं। इस बार उनके साथ गांव के अन्य लोग भी आए हैं।

पौष पूर्णिमा पर स्नान कर उन्होंने गहरी आध्यात्मिक अनुभूति होने की बात कही। आगरा से आए जितेंद्र ने कहा कि त्रिवेणी के तट पर स्नान की इच्छा लंबे समय से थी जो आज पूरी हो गई। भक्ति के इसी रंग में डूबे हजारों श्रद्धालु ठंड की परवाह किए बिना संगम में डुबकी लगाते रहे। प्रशासन के अनुसार, लाखों श्रद्धालु और कल्पवासी मेला क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। स्नान का सिलसिला लगातार जारी है।

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