माघ मेले में इस बार गंगदीप पर शिविर लगाए जाएंगे। टापू नुमा इस जमीन ने मेला प्रशासन को बड़ी राहत दी है। इस पर संस्थाओं और प्रयागवाल के शिविर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही खाक चौक के दक्षिण में भी टापू के रूप में जमीन मिली है लेकिन यह हिस्सा नीचे होने के कारण जलस्तर बढ़ने पर डूब सकता है, सो प्रशासन ने वहां शिविर न लगाने का निर्णय लिया है।
गंगा में लगातार कटान के कारण मेला प्रशासन जमीन के लिए जूझ रहा है। इस बार पिछले साल के मुकाबले कम जमीन मिली है। ऐसे में गंगदीप के रूप में मिली जमीन किसी राहत से कम नहीं। दारागंज सब्जी मंडी के सामने मोरी मार्ग और जीटी रोड के बीच गंगदीप पर 55 बीघा जमीन मिली है। यह जमीन गंगा के बीचों-बीच टापू के रूप में मिली है। जमीन ऊंचाई पर स्थित है, सो मेला प्रशासन ने संस्थाओं और प्रयागवाल को शिविर लगाने के लिए यह जमीन आवंटित कर दी है। इस पर सामने संस्थाओं के शिविर और पीछे की तरफ प्रयागवाल के शिविर लगेंगे।
इसके अलावा खाक चौक के दक्षिण में भी गंगा के बीच टापू बन गया है। इस टापू पर 12 बीघा जमीन मिली है लेकिन प्रशासन यहां शिविर लगाने को तैयार नहीं है। प्रभारी मेलाधिकारी आशीष कुमार मिश्र का कहना है कि यह जगह नीचे है। नरौरा और टिहरी से जल छोड़ा जा रहा है। प्रमुख स्नान पर्व पर गंगा का जलस्तर बढ़ेगा। ऐसे में टापू के डूबने की पूरी आशंका है। अगर वहां शिविर लगाए गए तो दिक्कत होगी, सो इस टापू को खाली छोड़ दिया गया है। वहां शिविर नहीं लगाए जाएंगे।