लड्डू गोपाल के साथ संगम में डुबकी लगाने पहुंचे आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज।
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कहा कि भगवान लड्डू गोपाल बाल स्वरूप में हमारे आराध्य हैं। वे केवल मूर्ति नहीं, हमारी आस्था, हमारी पहचान और हमारे सनातन धर्म का हृदय हैं। उनके जन्मस्थान, उनके घर को हमें वापस दिला दीजिए आज संगम में यही एकमात्र प्रार्थना की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक एजेंडे का नहीं, बल्कि करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था और न्याय के अधिकार का प्रश्न है। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि श्री कृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही मस्जिद ईदगाह वाद में वादी संख्या–6 के रूप मेंउन्होंने यह संकल्प लिया है कि जैसे सत्य के आधार पर अयोध्या में न्याय हुआ, वैसे ही साक्ष्य, इतिहास और आस्था के आधार पर मथुरा में भी न्याय होकर रहेगा। 108 डुबकियों के दौरान संगम क्षेत्र में जय श्री कृष्ण, “लड्डू गोपाल की जय”, मथुरा मुक्ति के गगनभेदी उद्घोष हुए।