Magh Mela : पौष पूर्णिमा पर खाक चौक से संगम तक दंडवत परिक्रमा करते बाल ब्रह्मचारी मौनी जी महाराज।
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महाकाल की यज्ञशाला शुक्रवार की शाम राष्ट्ररक्षा और सर्व मंगल की कामना के साथ वेदमंत्रों, आहुतियों से गूंज उठी। इसी के साथ सवा पांच लाख रुद्राक्ष से बने महाकाल की यज्ञशाला में महीने भर चलने वाले राष्ट्ररक्षा महायज्ञ के साथ दीपदान भी आरंभ हो गया। इससे पहले यज्ञ संयोजक मौनी बाबा ने यज्ञशाला से लेटकर संगम तक चक्रवर्ती परिक्रमा यात्रा निकाली।
चक्रवर्ती परिक्रमा यात्रा सुबह आठ बजे सेक्टर तीन स्थित महावीर मार्ग से निकाली गई। बाजेगाजे के साथ निकाली गई इस परिक्रमा में मौनी बाबा के साथ कई युवा संत और भक्त ध्वजा-पताका लेकर चल रहे थे। परिक्रमा यात्रा महावीर पांटून पुल से गुजर रही थी, तभी विपरीत दिशा से पुलिस की बस आ गई। बस आने के बाद यात्रा में व्यवधान की नौबत देख संत शोर-शराबा करने लगे।