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बड़ा खुलासा :  हमजा के दिए सिम से ही जेल से साम्राज्य चला रहा था माफिया अतीक अहमद

Sat, 02 Jul 2022 06:49 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

गौसनगर का रहने वाला हमजा पहले सिम व मोबाइल फोन का डीलर था। जबकि मौजूदा समय में वह हार्डवेयर का काम कर रहा था। एक दिन पहले ही सीबीआई की टीम उसे करेली इलाके से गिरफ्तार कर लखनऊ ले गई थी।
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prayagraj news : अतीक अहमद (फाइल फोटो)। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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करेली से एक दिन पहले सीबीआई ने जिस हमजा अंसारी को गिरफ्तार किया, वह माफिया अतीक अहमद का बेहद करीबी है। दरअसल, देवरिया जेल में बंद रहने के दौरान बाहुबली उसके ही दिए सिम कार्ड से अपना साम्राज्य चला रहा था। मुकदमा दर्ज करने के बाद सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने जब इस नंबर की डिटेल निकाली तो पता चला कि  यह फर्जी तरीके से एक्टिवेट किया गया था। साथ ही इसे किसी अन्य व्यक्ति की आईडी पर लिया गया था। इसके बाद ही हमजा सीबीआई के रडार पर आ गया था।

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गौसनगर का रहने वाला हमजा पहले सिम व मोबाइल फोन का डीलर था। जबकि मौजूदा समय में वह हार्डवेयर का काम कर रहा था। एक दिन पहले ही सीबीआई की टीम उसे करेली इलाके से गिरफ्तार कर लखनऊ ले गई थी। यह कार्रवाई लखनऊ के प्रॉपर्टी डीलर मोहित जायसवाल को अगवा कर देवरिया जेल में पीटने के मामले में की गई। सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच शुरू करने के बाद सीबीआई को एक नंबर के बारे में पता चला, जिससे अतीक जेल के भीतर रहकर भी अपना साम्राज्य चला रहा था।

वह इसी नंबर के जरिए जेल के बाहर रहने वाले अपने गुर्र्गों के संपर्क में रहता था। यह नंबर जिस व्यक्ति के नाम पर जारी था, पुलिस ने उससे संपर्क किया तो एक अलग ही कहानी सामने आई। उसने बताया कि उसने करेली के हमजा अंसारी से सिम लिया था। लेकिन उसका यह भी कहना था कि उसका सिम उसके पास है। इसके बाद जब जांच पड़ताल आगे बढ़ी तो पता चला कि करेली की जिस दुकान से यह सिम बेचा और एक्टिवेट किया गया, वह हमजा अंसारी की है।


सूत्रों का कहना है कि करेली से पकड़े जाने के दौरान हमजा ने पुलिस व सीबीआई टीम को बताया कि उसकी दुकान पर एक व्यक्ति सिम लेने आया था। उसने उसे सिम तो दे दिया लेकिन जालसाजी करते हुए उसकी आईडी पर दो और सिम एक्टिवेट कर लिए। इन्हीं में से एक सिम अतीक अहमद को दिया गया था।
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तीन साल से फरार है दो लाख का इनामी उमर
अतीक अहमद का बड़ा बेटा उमर इस समय जोन के  सबसे बड़े इनामियों में से एक है। उस पर सीबीआई ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। 2019 में सीबीआई की ओर से मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद से ही वह फरार है। जिस पर फरवरी 2020 में इनाम घोषित किया गया था। प्रॉपर्टी डीलर मोहित जायसवाल को अगवा कर देवरिया जेल में पीटने के मामले में वह पिता अतीक समेत अन्य के साथ नामजद है। 
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