फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप
अली अहमद ने कहा कि वो दिल्ली में कानून की पढ़ाई कर रहा था लेकिन उसे फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल में डाल दिया गया। जेल में रहते हुए उस पर आठ मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। उसने झांसी जेल में अपनी हत्या की आशंका भी जाहिर की। आरोप लगाया कि नैनी जेल में भी उसे परेशान किया जाता था, वो किसी से बात नहीं कर सकता था, उसे बिल्कुल अकेला रखा गया था। अब उसे परेशान करने के लिए 400-500 किमी दूर झांसी लाया गया है। रास्ते में मुझे पानी तक नहीं पीने दिया गया।
तीन साल नैनी जेल में रहा अली अहमद
अली अहमद ने 30 जुलाई 2022 को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था, जिसके बाद से ही वो प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में बंद था। अली पर आरोप है कि उसने प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू से 5 करोड़ की रंगदारी मांगी थी। इसके अलावा उस पर उमेश पाल हत्याकांड की साज़िश रचने का भी आरोप है। नैनी सेंट्रल जेल में जून 2025 में अली अहमद की बैरक से 1100 रुपये नगद मिले थे। ये मामला सामने आने के बाद एक डिप्टी जेलर और ओर हेड वार्डन को सस्पेंड भी कर दिया गया था और उसे हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट कर दिया गया था। उसने महानिदेशक कारागार से भी दूसरे कैदियों के साथ रहने की इच्छा जाहिर की थी। साथ ही जेल में सुविधाएं न होने की शिकायत की थी।