मदरसों में कक्षाएं संचालित करने की नई समय सारिणी पर अध्यापकों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सुबह नौ से दिन में तीन बजे तक कक्षाओं का समय निर्धारित किए जाने से नमाज प्रभावित होगी। इसलिए उन्होंने समय में परिवर्तन की मांग की है। मदरसों में एक अप्रैल से 30 सितंबर के बीच सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक कक्षाएं चलाई जाती थीं। वहीं इससे पहले एक अक्तूबर से 31 मार्च के बीच सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक कक्षाएं चलाई जाती थीं लेकिन अब कक्षाओं की अवधि एक घंटे बढ़ा दी गई है।
अन्य बोर्ड के स्कूलों में छह घंटे कक्षाएं चलाने का प्रावधान है। इसी आधार पर मदरसों में भी इस वर्ष एक अक्तूबर से मार्च के बीच सुबह नौ से दिन में तीन बजे तक कक्षाएं संचालित करने का आदेश दिया गया है। यह आदेश लागू भी हो गया। इसके विपरीत मदरसा संचालकों तथा शिक्षकों का कहना है कि दो बजे नमाज का समय होता है। मदरसा अलजामे मोहम्मदिया अरबी स्कूल मऊआइमा के प्रधानाचार्य शफीकुर्रहमान का कहना है कि मदरसों में पढ़ने वाले कई छात्र नमाज पढ़ाने के लिए भी जाते हैं।