प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के आयोजन को एक साल पूरे हो गए और विवादों में फंसी इस भर्ती में शामिल तकरीबन चार लाख अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। पिछले साल 29 जुलाई को एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के इतिहास की सबसे बड़ी एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा पिछले साल 29 जुलाई को प्रदेश के 39 जिलों में 1760 केंद्रों में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के तहत राजकीय स्कूलों में 15 विषयों में कुल 10768 शिक्षकों की भर्ती की जानी है। इनमें 5364 पुरुष और 5404 महिला शिक्षकों के पद हैं। भर्ती केवल लिखित परीक्षा के आधार पर होनी है। यह परीक्षा सीधे एसटीएफ की निगरानी में आयोजित की गई थी और इसके लिए आयोग के अफसरों ने ही शासन को सिफारिश भेजी थी। आयोग के अफसरों को आशंका थी कि परीक्षा में नकल माफिया गड़बड़ी कर सकते हैं। इस परीक्षा के लिए सात लाख 63 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे और इनमें से चार लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे।
आयोग के अफसरों की आशंका सही साबित हुई और परीक्षा में पेपर लीक मामला सामने आया। हालांकि एसटीएफ ने इस मामले में तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को ही गिरफ्तार कर लिया। पेपर लीक मामला सामने आने से पहले आयोग की ओर से सात विषयेां में 1343 पदों का परिणाम घोषित किया जा चुका था और अभ्यर्थियों के दस्तोवजों के सत्यापन की तिथि भी घोषित की जा चुकी थी लेकिन बाद में आयोग ने सत्यापन की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया। ऐसे में चयनितों की नियुक्ति के साथ बाकी विषयों का रिजल्ट भी फंस गया।
आयोग के सामने आज जुटेंगे प्रदेश भर से अभ्यर्थी
प्रदेश भर के अभ्यर्थी रिजल्ट के लिए सोमवार से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सामने धरने पर बैठने जा रहे हैं। एलटी ग्रेड समर्थक मोर्चा के बैनर तले प्रतियोगी छात्र-छात्राओं ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की। इसमें प्रदेश भर से अभ्यर्थी शामिल होंगे। अभ्यर्थी आयोग के अध्यक्ष से भी वार्ता करना चाहते हैं। उनकी मांग है कि सभी विषयों का रिजल्ट एक साथ जारी किया जाए और चयनितों के लिए सत्यापन की तिथि घोषित की जाए। साथ ही आयेाग अध्यक्ष से मांग की जाएगी कि एसटी जांच शीघ्र पूरी करने के लिए वह वह शासन को पत्र भेजें। बैठक में शेर सिंह, अनिल उपाध्याय, राहित सिंह, मनीष, मनोज वर्मा, आलोक सिंह, प्रदीप सिंहख् अभिलाषा, अपर्णा, रेखा, अनुज्ञा आदि शामिल रहे।