प्रयागराज। एलटी ग्रेड परीक्षा मामले में एसटीएफ की सुस्ती से प्रतियोगी छात्र नाराज हैं। एलटी समर्थक मोर्चा के पदाधिकारी जांच प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं। आरोप है कि सारे दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। निर्णय लिया गया कि जल्द ही प्रतियोगी छात्रों का प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाएगा।
इविवि छात्रसंघ भवन पर रविवार को एलटी समर्थक मोर्चा के कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक में अनिल उपाध्याय ने कहा कि एसटीएफ वाराणसी एक साल से जांच कर रही है। 50 छात्रों को चार्जशीट किया, लेकिन अब तक मात्र छह आरोपियों का बयान ही दर्ज किए जा सके हैैं। उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों के नाम, पता समेत अन्य विवरण एसटीएफ के पास हैं फिर गिरफ्तारी नहीं की जा रही है।
मोर्चा संयोजक विकी खान का कहना था कि इसी एसटीएफ ने परीक्षा के दिन 29 जुलाई 2018 को सचिव लोक सेवा आयोग को 144 प्रश्नों की बुकलेट दी, जिसे उन्होंने साल्वर गिरोह सदस्यों को गिरफ्तार कर हासिल किया था, इस पेपर का मूल पेपर से मिलान करने पर एक ही प्रश्न समान नहीं पाया गया! ऐसी दशा में इस जांच पर किस प्रकार भरोसा किया जा सकता है। मोर्चा अध्यक्ष शेर सिंह का कहना था कि ऐसा लगता है कि एसटीएफ की पूरी कार्यवाही जज्बातों पर आधारित थी। तभी आज तक पेपर आउट करवाएं जाने के प्रभावी साक्ष्य प्राप्त नहीं किए जा सके हैं। वक्ताओं ने कहाकि इन सब स्थितियों से निपटने के लिए एलटी मोर्चा इसके कानूनी पहलुओं पर भी विचार कर रहा है।
बैठक में मनोज वर्मा, कुलदीप यादव, रोहित, प्रतीक सिंह, नूर सबा, अपर्णा पांडे, नीलू, अनुज्ञा द्विवेदी, नरसिंह, रोहित सिंह, आलोक सिंह, प्रदीप सिंह, अभिलाषा, धनंजय कुशवाहा, नितिन चौधरी, मनीष सिंह समेत बड़ी संख्या में प्रतियोगी मौजूद रहे।