क्रिसमस पर्व की तैयारियों को बुधवार को अंतिम रूप दे दिया गया। गिरजाघरों से लेकर मसीही समुदाय में हर घर में प्रभु यीशु के आगमन की झांकियां पल्लीपुरोहितों, युवाओं, बच्चों और महिलाओं ने सजाई हैं। देर शाम रंग-बिरंगी रोशनी से नहाए गिरजाघरों में सामूहिक प्रार्थनाओं में प्रभु यीशु को याद किया गया। इसी के साथ कैरोल सांग के साथ लोग झूमते-थिरकते रहे। बृहस्पतिवार की आधी रात को शहर भर की गिरजाघरों में मिडनाइट सर्विस के साथ ही प्रभु यीशु के जन्म का जश्न मनाया जाएगा। केक टू गेदर के साथ मसीही समुदाय के लोग खुशियां साझा करेंगे। शुक्रवार की सुबह प्रार्थना के साथ क्रिसमस की धूम मचेगी।
सीएनआई के लखनऊ डायोसेशन और रोमन कैथॉलिक के बिशप हाउस सेंट जोसेफ सेमिनरी में प्रभु यीशु के जन्म की झांकियों के निहारने के लिए लोग पहुंचने लगे। गिरजाघरों मेें उत्सव जैसा माहौल बन गया है। ऑल सेंट्स कैथड्रल चर्च को रंग-बिरंगी झालरों से सजाने के साथ ही गोशाला के दृश्यों के बीच सामूहिक प्रार्थनाएं हुईं। पुरोहित इमैनुएल पाइक ने बाइबिल का पाठ करने के साथ ही प्रेम, शांति और दया का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु जीवों के कल्याण के लिए धरा पर आए थे। उनके जन्मोत्सव को यादगार बनाने के लिए हर शासन की गाइड लाइन के तहत मिडनाइट सर्विस में मसीही हिस्सा लेंगे। नैनी स्थित कम्युनिटी चर्च में भी यीशु के जन्म की झांकी सजा दी गई है। वहां के पादरी जितेंद्र नाथ ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात मिडनाइट सर्विस के साथ जन्मोत्सव की खुशियों का इजहार किया जाएगा। इसके लिए झांकियों के साथ ही चर्च को भव्यता के साथ सजाया गया है। इस दौरान दूरी बनाकर सामूहिक प्रार्थना की जाएगी।
इसी तरह कटरा चर्च में रात 11:30 बजे मिडनइट सर्विस होगी। इसके लिए पादरी मनीष जैदी ने मसीही समुदाय के लोगों से अपील की है कि वे कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सामूहिक प्रार्थना में हिस्सा लें। चर्च को झालरों से सजा दिया गया है। इसी तरह पत्थर गिरजाघर, सेंट पीटर्स चर्च म्योराबाद और सेंट पॉल चर्च में भी बृहस्पतिवार की आधी रात मिडनाइट सर्विस की तैयारी की गई है।
कटरा गिरजाघर में कोरोना से मुक्ति के लिए होगी आराधना
कटरा चर्च में इस बार मिडनाइट सर्विस के साथ ही प्रभु यीशु से कोरोना संक्रमण से मुक्ति दिलाने के लिए आराधना की जाएगी। पादरी मनीष जैदी ने बताया कि प्रभु यीशु से गुहार लगाई जाएगी कि जिस तरह बारिश की बूंदें,सूरज का प्रकाश सबके लिए है, उसी तरह यीशु कोरोना को दूर करते हुए सब पर प्रेम बरसाएं।
सेंट जोसेफ में आज आधी रात को नहीं होगी प्रार्थना, गोशाला की झांकी सजी
सेंट जोसेफ चर्च और स्कूल परिसर में बृहस्पतिवार को गोशाला में प्रभु यीशु के जन्म की झांकियों को अंतिम रूप दे दिया गया। इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से क्रिसमस पर 25 दिसंबर से तीन दिन का सबसे बड़ा मेला निरस्त कर दिया गया है। वहां इस बार बृहस्पतिवार की आधी रात को यीशु का जन्म नहीं होगा। बल्कि शाम को ही क्रिसमस की झांकी सजा कर जन्मोत्सव मनाया जाएगा। सेंट जोसेफ चर्च के पल्ली पुरोहित हेराल्ड टारो ने मेला निरस्त होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहली बार कोरोना संक्रमण की वजह से बुधवार को प्रभु यीशु के जन्म पर मिडनाइट सर्विस के समय में परिवर्तन किया गया है। प्रार्थना इस बार आधी रात की बजाय शाम को ही प्रार्थना की जाएगी। इसके अलावा शुक्रवार को भीड़ बांटने के लिए क्रिसमस की प्रार्थना भी दो चरणों में होगी।