माघ मेले में किसी आतंकी हमले को टालने के लिए सुरक्षा का कड़ा घेरा कसने का दावा किया जा रहा है लेकिन आलम यह है कि देश भर से जुटे खुफिया और सुरक्षा बल की सक्रियता पर चोर-उचक्के भारी पड़ रहे हैं। एटीएस, एसटीएफ, आरएएफ, बीडीएस की कथित किलाबंदी के बीच चोरों ने मकर संक्रांति पर्व पर दो दिनों में सैकड़ों स्नानार्थियों को परेशानी में डाला। किसी का बैग उड़ाया तो किसी का पर्स। कुछ चोर पकड़े गए पर ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मेले में इतनी चौकसी के बीच चोर अगर यूं हाथ मारने में कामयाब हो रहे हैं तो आतंकियों को कौन रोक सकेगा।
पिछले महीने पेशावर के स्कूल में हमले की घटना के बाद शासन से माघ मेला में आतंकी हमले का खतरे को देखते हुए सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त करने का आदेश जारी हुआ। आईजी से लेकर एसपी सिटी तक ने कई बार मेला में सुरक्षा व्यवस्था के लिए बैठक की। मेले में जगह-जगह सीसी कैमरे लगाने के अलावा एंटी टेररिस्ट स्कवॉयड, क्राइम ब्रांच, एसटीएफ के जवानों को मुस्तैद किया गया है। पुलिस-पीएसी का भी पहरा है। संगम नोज पर ज्यादा निगरानी की बात कही जा रही है क्योंकि वहां स्नानार्थियों की ज्यादा भीड़ रहती है। पहला प्रमुख स्नान पर्व होने के कारण मकरसंक्रांति पर दो दिन तक सुरक्षा घेरा और भी कसा गया। मगर आतंकियों को नाकाम करने के लिए बने सुरक्षा के इस चक्रव्यूह को अदने से चोर-उचक्के ही लगातार तोड़ते रहे।
बुधवार के बाद बृहस्पतिवार को भी संगम नोज पर दर्जनों लोग चोरों का शिकार हुए। विलासपुर के राममनी, शहडोल के सुखराम, आरा बिहार की रंजना देवी समेत दो दर्जन से ज्यादा लोग दोपहर में संगम नोज टावर के पास पुलिसकर्मियों से शिकायत करने गए। आतंकियों की किसी हरकत को रोकने के लिए पुलिस और खुफिया शाखाओं की ओर से पैनी नजर रखने की बात कही जा रही है तो आखिर चोर कैसे हाथ मारने में सफल हो रहे हैं ये गंभीर सवाल है। इस बारे में पुलिस अधिकारियों से पूछने पर गोलमोल बात सुनने को मिलती है।
यह भी सच है कि पुलिस चोरों को पकड़ भी रही है मगर इस धरपकड़ में भी सिविल डिफेंस या स्नानार्थियों की भूमिका रहती है। बृहस्पतिवार को भी सिविल डिफेंस के घटना नियंत्रण अधिकारी रविशंकर द्विवेदी ने संगम नोज पर कई चोरों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। इन चोरों के पास स्नानार्थियों के बैग और कपड़े भी मिले। मेला प्रभ्ाारी नीरज पांडेय ने बताया कि मेले में पुलिस पूरी चौकसी बरत रही है। भीड़ में चोर-उचक्के सक्रिय हो जाते हैं। उनकी धरपकड़ हो रही है। बृहस्पतिवार को एक दर्जन से ज्यादा चोर मेले में पकड़े गए हैं। अब मौनी अमावस्या के मद्देनजर और ज्यादा सतर्कता बरती जाएगी।