शारदीय नवरात्र के सातवें दिन भगवती के सातवें कालरात्रि स्वरूप में शक्तिपीठ सजे। मंगला आरती के बाद दर्शन-पूजन का क्रम आरंभ हुआ जो देर रात चलता रहा। शक्तिपीठों में कन्याभोज भी कराया गया। मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में त्रिपुर सुंदरी भगवती ललिता आभूषणों और बहुरंगी फूलों से कालरात्रि स्वरूप में सजीं। परिसर में पूजन और भगवती के शृंगार दर्शन सहित कन्या पूजन और भोज को भी श्रद्धालुओं का तांता लगा। सर्वमंगल के कल्याण के लिए आहुतियां डाली गईं। महिलाओं की टोली ने देवीगीत सुनाए। व्यवस्था में अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा, धीरज नागर, पीसी वर्मा, महेंद्र मालवीय, सुमित श्रीवास्तव, अनुराग चंद्रा, सत्येंद्र सिंह, उमेश मिश्रा आदि शामिल थे।
भगवती कल्याणी कालरात्रि स्वरूप में आभूषणों और फूलों से सजीं। जयकारों की गूंज के बीच आधीरात के बाद तक शृंगार दर्शन को लोग जुटे। अध्यक्ष सुशील पाठक, व्यवस्थापक श्याम जी पाठक की देखरेख में परिसर में मुंडन,कर्णछेदन सहित अनेक अनुष्ठान हुए। चौक गंगादास स्थित खेमामाई मंदिर में पट खुलने के बाद पूजन, फिर शृंगार दर्शन को श्रद्धालु जुटे। मुट्ठीगंज कालीबाड़ी, कर्नलगंज, कटरा कालीथान, हाईकोर्ट चौराहा स्थित हनुमान मंदिर, अष्टभुजी मंदिर, हनुमत निकेतन दुर्गा मंदिर, सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ, चौफटका, समियामाई आदि मंदिरों में दर्शन, पूजन को श्रद्धालु उमड़े, दुर्गा सप्तशती, शतचंडी, देवीगीत हुए।
शक्तिपीठ अलोपीदेवी में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालु भगवती का पालना झुलाने आए। निशान चढ़ाने के लिए सुबह से ही लोगों का आना शुरू हुआ जो देर शाम तक जारी रहा। परिसर में मुंडन, कर्णछेदन, अनुष्ठान भी हुए। महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामसेवक गिरि की देखरेख में आचार्य पुरोहितों द्वारा शतचंडी यज्ञ और दुर्गा सप्तशती का सामूहिक पाठ किया।
करेली नयापुरवा स्थित सिद्धपीठ मां काली के प्राचीन मंदिर में बुधवार को भगवती रुई की गुफा में विराजमान रहीं। फूलों से मनोहारी शृंगार के साथ ही बिजली की झालरों से भी मंदिर सजा। महिलाओं की टोली ने इलेक्ट्रानिक ढोल और मजीरे, नगाड़े, शंख की मंगलध्वनि के बीच भगवती की महिमा बखानी। प्रधान पुजारी हनुमत प्रसाद पंडा, प्रबंधक सुशील कुमार पंडा की देखरेख में हुए अनुष्ठान में प्रवक्ता सुमित श्रीवास्तव सहित मुकेश साहू, पवन श्रीवास्तव, संजय, अशोक केसरवानी,डॉ.अमित आनंद,राजेश, पिंटू सोनकर, देवदीपक, रंजीन सैनी, अनुराग चंद्रा आदि ने व्यवस्था संभाली।