बड़े नेताओं ने डाले रखा डेरा
इलाहाबाद सीट पर अंतरविरोध की रिपोर्ट को देखते हुए राष्ट्रीय महामंत्री राधामोहन अग्रवाल को भी कैंप करने के लिए भेजा गया। इन नेताओं को विधानसभावार सामाजिक संपर्क टोलियों के साथ जनता के द्वार जाने की जिम्मेदारी निभाई। गुजरात के विधायक हार्दिक पटेल, गुजरात युवा मोर्चा के अध्यक्ष के साथ 10 अन्य युवा मोर्चा नेताओं की टोली को यमुनापार में विधानसभावार जिम्मेदारी दी गई।
मध्यप्रदेश राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा के अध्यक्ष लाल सिंह मौर्या, आंध्र प्रदेश से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष एमएलसी केएस लक्ष्मण, हरियाणा के सांसद संजय भाटिया, छत्तीसगढ़ के सांसद विजय सिंह बघेल, कर्नाटक से आए भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि, अलीगढ़ के विधायक अनिल पराशर, अलीगढ़ के ही किसान नेता हरिश्चंद्र चौधरी, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप, वन राज्यमंत्री अरुण सक्सेना और कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने लगातार सभाएं और सम्मेलन किए। बावजूद इसके यमुनापार में जातीय समीकरण हावी रहे।
-पीएम,सीएम को लेकर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लेकर कुल 260 जनसभाएं हुई थीं।
-इलाहाबाद में 392 नुक्कड़ सभाएं हुईं।
-इसी तरह पिछड़ा वर्ग मोर्चा, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और अनुसूचित मोर्चा की ओर से दोनों संसदीय सीटों पर 12 सम्मेलन किए गए थे।