विंध्याचल के निकट इलाहाबाद जंक्शन की ओर आ रही मालगाड़ी के सिग्नल ओवर शूट के मामले में दो लोको पायलटों की सेवा समाप्त करने के निर्णय को रेल प्रशासन ने सही ठहराया है। रेल यूनियनों द्वारा इस मामले में जताई गई नाराजगी के बाद रविवार को एनसीआर के इलाहाबाद मंडल की ओर से कहा गया कि लोको पायलटों को सभी सुविधाएं दी जा रही हैं, फिर भी बीते सात माह के दौरान ड्राइवरों की गलती से सिग्नल ओवर शूट की घटनाएं बढ़ी। यह संरक्षा के प्रति लोको पायलटों की लापरवाही है।
दरअसल, सिग्नल ओवर शूट के मामले में दो लोको पायलट की रेल सेवा समाप्त करने के बाद रेल यूनियनों ने नाराजगी जताई थी। अब सोमवार को इस संबंध में इंपलाइज संघ, मेंस यूनियन, वर्कर्स यूनियन आदि के पदाधिकारी लोको पायलटों की बहाली के लिए वरिष्ठ अफसरों से वार्ता की बात की है। इस बीच रविवार को इलाहाबाद मंडल के पीआरओ सुनील गुप्ता ने रेल प्रशासन की ओर से कहा कि मंडल में ड्राइवर विश्राम गृह में तमाम सुविधा दी गई है।
उनके पूर्ण विश्राम को सुनिश्चित करने के बाद ही ड्यूटी के लिए उन्हें बुक किया जाता है। विंध्याचल में सिग्नल लाल होने के बावजूद (सिग्नल ओवर शूट) उसे पार करना लोको पायलट की लापरवाही को उजागर करता है। ऐसी अवस्था में रेल संपत्ति के साथ यात्रियों के जान माल की हानि हो सकती थी। चालक ने उचित समय और दूरी पर ब्रेक न लगाकर रेल संरक्षा के साथ खिलवाड़ किया। घटना के दिन ही एडीआरएम, सीनियर डीएसओ द्वारा दोनों ड्राइवरों को उनका पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया। उनके लिखित बयान भी लिए।