Getting free treatment of Hepatitis B and C
- फोटो : CITY DESK
प्रयागराज। हेपेटाइटिस बी और सी के उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान 2018 से चलाया जा रहा है। यह विश्व का सबसे बड़ा कार्यक्रम हैं। हेपेटाइटिस बी के इस समय देश में चार करोड़ और सी के एक करोड़ मरीज हैं। अब इन दोनों बीमारियों की जांच कराना आसान हो गया है। इसके साथ ही सरकार नि:शुल्क उपचार भी कर रही है। उक्त बातें द इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलिअरी साइंस के फाउंडर डायरेक्टर और पद्मभूषण डॉ. शिव कुमार सरीन ने कही। वह मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के उदर एवं यकृत रोग विभाग एवं इलाहाबाद गैस्ट्रो क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी के दूसरे दिन बोल रहे थे।
उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस सी का उपचार तीन हफ्ते तक चलता है जबकि हेपेटाइटिस बी का उपचार जीवन भर चलता रहता है। हेपेटाइटिस बी का उपचार काफी महंगा है। महीने भर में 12 से 15 हजार रुपये की जरूरत होती है। बहुत प्रयासों के बाद राष्ट्रीय वायरल उन्मूलन कार्यक्रम के तहत इसका उपचार भी मुफ्त होने लगा है। उन्होंने इम्पावरिंग पीपुल अगेंस्ट हेपेटाइटिस (इम्पेथी) के बारे में भी जानकारी दी। कहा कि हेपेटाइटिस की वजह से किसी का सम्मान आहत नहीं होना चाहिए और समाज को भी स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने फैटी लीवर की बीमारियों के बारे में भी जानकारी दी।
संगोष्ठी में डॉ. राखी मईवाल ने कहा कि लगातार लिवर एंजाइम्स बढ़े होने पर कुछ मामलों में लिवर बायोप्सी निदान के लिए जरूरी होती है। डॉ. शालीमार ने कहा कि फैटी लीवर के मामले में वजन कम करने से बहुत लाभ होता है। पांच से 45 मिनट का व्यायाम करना लाभदायक है। संगोष्ठी में डॉ. एसपी मिश्रा, डॉ. विक्रम भाटिया, डॉ. राकेश कालपाला, डॉ. मोहन रामचंदानी ने एंडोस्कोप की नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी। इस दौरान पीजी छात्रों के लिए क्विज प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें बीएचयू टीम प्रथम, कानपुर कॉलेज द्वितीय, एमएलएनएम कॉलेज तृतीय रहा। संयोजन डॉ. मनीषा द्विवेदी ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. एसपी मिश्रा ने किया। डॉ. निखिल गुप्ता, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. अजीत चौरसिया, डॉ. जीएस सिन्हा, डॉ. शांति चौधरी, डॉ. एसके शुक्ला, डॉ. पीकर, डॉ. रोहित गुप्ता, डॉ. कमल सिंह आदि मौजूद रहे।
Getting free treatment of Hepatitis B and C- फोटो : CITY DESK