इस दौरान यात्रा की अनुमति से संबंधित पत्र सौंपा गया। नफीस के मुताबिक डीएम से प्रयागराज से काशी के बीच बने पांटून पुलों के अवरोधों पर चर्चा हुई। डीएम ने कहा है कि पांटून पुलों के अवरोधों को पार करने का समाधान उनको ही ढूंढना होगा।
शहर कांग्रेस कमेटी डीएम से हुई वार्ता के आधार पर यात्रा के रूट से संबंधित रिपोर्ट प्रदेश कमेटी को भेजेगी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय प्रयागराज से काशी के बीच 24 जगहों पर गंगा पर पांटून पुल बने हैं।
कुंभ मेला के दौरान गंगा के जल मार्ग पर फाफामऊ से अरैल के बीच बने 22 पांटून पुलों को खोलने का काम होली के बाद शुरू होगा। पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं का कहना है कि संगम से यात्रा शुरू होगी, तब भी तीन पांटून पुल रास्ते में पड़ेंगे और उन्हें खोलना फिलहाल टेढ़ा काम है।
20 को काशी पहुंचेगी प्रियंका गांधी वाड्रा
प्रियंका प्रयागराज से गंगा के रास्ते 140 किलोमीटर लंबी 'यात्रा' तय करेंगी। वह मोटरबोट से 20 मार्च को काशी पहुंचेंगी जहां उनकी यात्रा का अंतिम पड़ाव अस्सी घाट है। इस संबंध में कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष प्रशासन डॉ. आरपी त्रिपाठी ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इसकी सूचना देते हुए प्रियंका के दौरे के मद्देनजर इजाजत मांगी है।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा ने बताया कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा प्रयागराज से वाराणसी तक जल मार्ग से मोटरबोट से आएंगी। बनारस में बाबा विश्वनाथ, काल भैरव का दर्शन करने के साथ ही वह वाराणसी और चंदौली के शहीदों के घर जाकर उनके परिजनों से भी मिलेंगी। वह छोटी सभाएं भी कर सकती हैं।
प्रयागराज से काशी की यात्रा के दौरान रास्ते भर जगह-जगह उनका स्वागत भी किया जाएगा। प्रियंका के पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनने के बाद से ही यह संभावना जताई जा रही थी कि वह जल्द ही पूर्वांचल का दौरा करेंगी। लेकिन पुलवामा के आतंकी हमले के बाद उन्होंने शहीदों के सम्मान में अपने सारे राजनीतिक कार्यक्रम निरस्त कर दिए थे।