प्रतापगढ़ के छींटपुर में रविवार को गठबंधन के प्रत्याशी अशोक त्रिपाठी के समर्थन में आयोजित चुनावी जनसभा में बसपा सुप्रीमो मायावाती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि गठबंधन के नाम पर सपा ने बहनजी का फायदा उठा लिया। मायावती ने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी हार के डर से घबराए हुए हैं। पीएम बौखलाहट में अनाप-शनाप बोल रहे हैं। वह फूट डालो राज करो की नीति अपना रहे हैं, लेकिन इसका कोई असर नहीं होने वाला है। गठबंधन पूरी तरह से मजबूत है। इससे पहले मायावती ने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गलत नीतियों के चलते देश में दलितों, पिछड़ों, अतिपिछड़ों, आदिवासियों और गरीबों को उनका हक नहीं मिल सका।
मायावती ने भाजपा और मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह पूंजीपतियों की सरकार है। यह गरीबों का हक मारकर धन्ना सेठों और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता से किया हुआ अपना एक भी वादा पूरा नहीं कर पाए। उन्होंने कहा था कि विदेशों में जमा काला धन भारत वापस लाने के बाद हर भारतीय के खाते में 15-15 लाख रुपये जमा कराएंगे, लेकिन कुछ नहीं हो सका।
वह कहते हैं कि हमने गरीबों को घर दिया, लेकिन किसी भी आवासविहीन व्यक्ति को आवास नहीं मिला। उत्तर प्रदेश में जब हमारी सरकार थी तो हमने गरीबों के लिए दो-दो कमरों के आवास की व्यवस्था की थी। गठबंधन के लोगों को भाजपा के लुभावने घोषणा-पत्र और वादों से सावधान रहने की जरूरत है। मोदी के राज पूरे देश में गरीबों, दलितों और वंचितों की हालत बेहद खराब है। उनकी नीति पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की है। केंद्र और प्रदेश दोनों जगह भाजपा की सरकार है। यह भ्रष्टाचार को रोकने को दावा करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि भ्रष्टाचार पहले से भी ज्यादा बढ़ गया है। रक्षा सौदों तक में भ्रष्टाचार हो रहा है। अब तक हुए चार चरणों के चुनाव में यह साफ हो चुका है कि गठबंधन यूपी में इतिहास रचने जा रहा है। इससे भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत दुखी हैं। शनिवार को प्रतापगढ़ में हुई जनसभा में भी मोदी का दुख साफ दिखा। वह कुछ भी बोल रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा की हालत एक जैसी है। दोनों ही पार्टियों ने गरीबों, दलितों और पिछड़ों का हित नहीं सोचा। भाजपा के राज में तो गरीब सवर्णों की हालत भी बेहद खराब है।