कर्मचारियों के आवासों में हुए अवैध निर्माणों को हटाने के लिए रेलवे ने शनिवार को अभियान चलाया। शुरुआत लोको कालोनी एक नंबर से हुई। इसमें 10 कर्मचारियों के आवासों से जोड़कर बनाए गए अवैध कब्जे हटाए गए। आरोप हैं कि कुछ कर्मचारियों ने बाहरी लोगों को किराये पर बसा लिया था। दूसरी ओर कार्रवाई को लेकर रेल कर्मियों के परिजनों ने ऐतराज भी जताया। कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों के परिजन सामान समेटने में व्यस्त रहे। बाहरी लोगों के सामान सड़क पर ही बिखरे रहे।
रेलवे कालोनियों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने आवंटित क्षेत्र से ज्यादा निर्माण करा रखा है। इसमें कुछ ने आवास के अंदर आंगन में निर्माण कराया है तो कुछ ने बाहरी हिस्से में खुले स्थान पर। बताते हैं कि ज्यादातर निर्माणों में रेलवे के ही ईंट, सीमेंट, शेड्स लगे हैं। रेलवे के मजदूरों ने ही इन्हें बनाया भी है। कई निर्माण दो से तीन दशक पुराने हैं। फिलहाल, डीईएन स्टेट-2 और एईएन देशराज सिंह की अगुवाई में लोको कालोनी में कार्रवाई की गई। कालोनी के नवें और 10वें मार्ग के आवासों से कब्जे हटाए गए। रेलवे अफसरों के मुताबिक कर्मचारी आवंटित क्षेत्र का ही किराया देते हैं। बाकी क्षेत्र अवैध हैं। सो, इन्हें तोड़ा जा रहा है। अगले चरण में लोको कालोनी-बी और बलईपुर कालोनी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। अभियान में एसएसई पीके सिंह, एसडी ओझा, एके वर्मा, जेई चंद्रशेखर कुमार, वंदना चौरसिया भी मौजूद रहीं।