सचिव अमरनाथ उपाध्याय पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को एडीए में हड़ताल रही। सुबह इंदिरा भवन पहुंचे कर्मचारियों ने सातवें एवं आठवें तल के सभी कार्यालयों में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार किया। इसके बाद अफसरों के साथ कार्यालय परिसर में सभा हुई। एडीए की हड़ताल में नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी भी शामिल हुए। दूसरी ओर विकास भवन कर्मचारी महासंघ, राजकीय मुद्रणालय सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने भी एडीए कर्मचारी संघ का समर्थन किया है।
सुबह कार्यालय में तालाबंदी के बाद संगठन के अध्यक्ष राम सेवक यादव एवं महामंत्री कृतेंद्र नारायण शुल्क के नेतृत्व में इंदिरा भवन परिसर में जुटे। इसमें संयुक्त सचिव उदयभानु त्रिपाठी, गुडाकेश शर्मा, सीटीपी पीके सौलंकी, ओएसडी पुष्कर श्रीवास्तव, आलोक पांडेय एवं सत शुक्ला, टीपी आरके सिंह, एक्सईएन पीसी पांडेय, आरडी राय, बसंत लाल, फुल्लन राय सहित एई और जेई भी शामिल हुए। उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह भी अफसरों, कर्मचारियों के साथ कुछ देर वहां मौजूद रहे। इस दौरान हुई सभा में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सचिव पर हमला करने वाला कॉलोनाइजर भी है। मांग की गई कि उसने जहां-जहां भी सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण कराया है और अवैध कब्जा किया है, उसे तत्काल खाली कराया जाए। अवैध निर्माण भी ध्वस्त किया जाए।
हालांकि दोपहर में आरोपी को नैनी से गिरफ्तार कर लिया गया। श्री यादव का कहना है कि हड़ताल आगे बढ़ाने पर मंगलवार को निर्णय लिया जाएगा। सभा में नगर निगम के एलए एसएल यादव, नजूल अधीक्षक जुबैर अहमद, मुख्य अभियंता लोकेश जैन, जेडओ मुन्ना लाल, आशुतोष गुप्ता, सुमित कुमार, महेंद्र प्रताप, एक्सईएन कविलाश शर्मा, सीएफओ आरएन सिंह, जलकल के एई देवेंद्र वर्मा, कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष नागेश्वर गिरि, मंत्री विजयेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम कर्मचारी एसोसिएशन के महामंत्री राजेंद्र पालीवाला सहित एडीए के धर्मविजय सिंह, रामाश्रय दुबे, रेनू यादव, सहित विभिन्न विभागंों के बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। दूसरी ओर विकास भवन के अध्यक्ष नरसिंह ने कहा है कि हड़ताल पर जाने के संबंध में तीन दिसंबर को निर्णय लिया जाएगा। पालीवाला ने इस संबंध में नगर आयुक्त आरपी सिंह को पत्र भी सौंपा। नगर आयुक्त ने इस मामले में एसएसपी से कार्रवाई की मांग की।