साधु-संतों के बीच जैसे नागा बाबा आकर्षण का केन्द्र बने हुए है ठीक उसी तरह ये बटुक भी भक्तों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। ये बटुक हर प्रमुख स्नान पर अपने अखाड़ो के साथ संगम पर स्नान करते हैं। धर्म की हर छोटी बड़ी जिम्मेदारी सहजता के साथ उठाते हैं। छोटी उम्र मे वैराग्य धारण करने वाले ये बच्चे मां बाप की सहमति से ही ऐसा करते हैं। अगर कोई बच्चा भागकर किसी अखाड़े में आकर शिक्षा दीक्षा लेना चाहे तो ये सम्भव नही हैं। हां, अगर उसके परिवारीजन नहीं हैं तो धर्मगुरु उस बालक के बारे में सोच सकता है।