महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र में मंगलवार को कृश्न चंदर के कथा साहित्य पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने कहा कि आजकल लोगों को साहित्य पढ़ने की रुचि जगानी चाहिए, क्योंकि एक लेखक अपने खयालात से समाज की तस्वीरें बदल देता है। प्रो. अली अहमद फातमी ने कहा कि कृश्न चंदर की कहानियों और किरदारों को संक्षिप्त में नहीं बल्कि खुले जेहन से समझने की कोशिश करनी चाहिए।
प्रो. अकील रिजवी ने कहा कि कृश्न चंदर ने कश्मीर में मेरे साथ15 दिन गुजारे और अपनी कहानियां भी सुनाते थे। केंद्र प्रभारी प्रो. संतोष भदौरिया ने केंद्र की अकादमिक और साहित्यिक गतिविधियों की जानकारी दी। सत्र का संचालन डॉ. सालेहा जर्रीन और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अमरेंद्र कुमार शर्मा ने दिया। इस दौरान रामजी राय, अशफाक हुसैन, फखरुल करीम, सुरेंद्र राही, असरार गांधी, नीलम शंकर, अनीता गोपेश, अनुपम आनंद आदि लोग मौजूद रहे।