यात्री रेल संचालन निरस्त होने से रेलवे रेलवे द्वारा भले ही यात्रियों को उनका पूरा रिफंड दे रहा हो, लेकिन इस मामले में एयरलाइंस कंपनियां मनमानी करने पर उतारू हैं। एयरलाइंस कंपनियों द्वारा यात्रियों को रिफंड ना देने की बात कही गई है। प्रयागराज से विभिन्न स्थानों के लिए चलने वाली फ्लाइटओं की बात करें तो तीन मई तक तकरीबन 1500 टिकट यात्रियों द्वारा विभिन्न शहरों के लिए बुक कराए गए हैं। एयरलाइंस कंपनियों कहना है कि यात्री संबंधित टिकट पर फ्लाइट संचालन शुरू होने के बाद अपनी यात्रा आगे उसी टिकट पर रीशेड्यूल कर सकता है। लेकिन यात्रियों कहना है कि रेलवे की तर्ज पर एयरलाइंस कंपनियां उनका पूरा रिफंड वापस करें ।
प्रधानमंत्री मोदी के मंगलवार 14 अप्रैल को सुबह 10:00 बजे राष्ट्र के नाम संदेश देने के बाद ही डीजीसीए ने तीन मई 2020 तक सभी घरेलू उड़ान निरस्त करने का निर्णय लिया। इस निर्णय के बाद घरेलू एयरलाइंस ने टिकट कैंसिल कराने पर रिफंड देने से इनकार किया। हालांकि उन्होंने बिना अतिरिक्त शुल्क के यात्रा रीशेड्यूल करने का विकल्प यात्रियों को दे रखा है। इंडिगो समेत तमाम घरेलू एयरलाइंस के इस विकल्प पर यात्रियों की आपत्ति है। 22 अप्रैल को पुणे से प्रयागराज आने के लिए दो माह पूर्व ही शिवकुटी मोहल्ले की शालिनी ने कुल तीन टिकट बुक करवा लिए थे। शालिनी के भाई संजय ने बताया फ्लाइट निरस्त होने का मैसेज उन्हें इंडिगो ने दे दिया है और यह भी कहा है कि वह अपनी आगे की यात्रा रीशेड्यूल कर सकते हैं लेकिन, अब जब हमें यात्रा ही नहीं करनी है तो कंपनी हमारा पूरा पैसा वापस करे। इसी तरह प्रयागराज से बेंगलुरु की टिकट बुक कराने वाले वेद प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने भी होली के पूर्व अपना टिकट प्रयागराज से बंगलुरु के लिए बुक कराया था।
उन्हें भी फ्लाइट निरस्त होने का मैसेज इंडिगो द्वारा दिया गया है। यह भी कहा गया है कि वह फ्लाइट संचालन शुरू होने के बाद अपनी टिकट रीशेड्यूल करा सकते हैं। वेद प्रकाश का कहना है कि उन्हें अब यात्रा ही नहीं करनी तो कंपनी पूरा किराया वापस क्यों नहीं कर रही है। इस बीच इंडिगो की हेल्प लाइन नंबर से भी लोग संपर्क कर रहे हैं लेकिन, वहां से भी उन्हें कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा है। प्रयागराज एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील यादव से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके पास भी तमाम यात्री लगातार रिफंड के लिए फोन कर रहे हैं। हालांकि रिफंड देना या ना देना यह निर्णय संबंधित एयरलाइंस का ही है। उन्होंने बताया कि संबंधित एयरलाइंस की ओर से यात्रियों को यात्रा रीशेड्यूल कराने का विकल्प दिया जा रहा है।