संगम नगरी में हर साल माघ मेला के साथ ही कुंभ में करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की यातायात सुविधा बढ़ाने और शहरियों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए लंबे समय से मेट्रो चलाने की मांग चल रही थी।
लाइट मेट्रो को हरी झंडी मिलने के साथ ही पीडीए ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। पीडीए ने राइट्स संस्था को लाइट मेट्रो का डीपीआर बनाने का कार्य दिया है। संस्था एक महीने में इसे तैयार कर पीडीए को सौंपे देगी। इस कार्य के लिए संस्था पीडीए से चार लाख रुपये प्रति किलोमीटर के साथ ही जीएसटी भी लेगी। पीडीए की तरफ से डीपीआर के लिए पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये देने की तैयारी है।
विज्ञापन
संगम नगरी में हर साल माघ मेला के साथ ही कुंभ में करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की यातायात सुविधा बढ़ाने और शहरियों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए लंबे समय से मेट्रो चलाने की मांग चल रही थी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से मंजूरी मिलने के बाद राइट्स नाम की संस्था को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई। सर्वे में मेट्रो के स्थान पर लाइट मेट्रो चलाने की सलाह दी गई थी।
44 किमी लाइट मेट्रो की लाइन तैयार कराने के लिए 5500 करोड़ रुपये बजट निर्धारित किया गया है। पीडीए के चीफ इंजीनियर नीरज कुमार गुप्ता के मुताबिक पहले फेज में बमरौली से झूंसी कनिहार तक यानी 23 किमी तक का रूट तैयार कराया जाएगा। इसके बाद शांतिपुरम से छिवकी तक कुल 21 किमी तक लाइन बिछाई जाएगी। पीडीए महाकुंभ-2025 तक लाइट मेट्रो की सेवा संचालित कराने की तैयारी में है। पीडीए उपाध्यक्ष अरविंद चौहान का कहना है कि डीपीआर बनने के बाद आगे के कार्यों की तैयारी शुरू की जाएगी।