घर से बुलाकर हत्या कर लाश बालू में दबा देने के आरोपित को उम्र कैद एवं 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया है। जबकि, एक अन्य आरोपित की मृत्यु हो जाने के कारण मुकदमा समाप्त कर दिया गया। मामला शिवकुटी थाना क्षेत्र में रसूलाबाद मोहल्ले के हौली पार क्षेत्र का है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश मनीष निगम ने आरोपित कमलेश के अधिवक्ता एवं अभियोजन पक्ष की ओर से जयकांत तिवारी, उमाशंकर शर्मा सहित गुलाबचंद अग्रहरी के तर्कों को सुनकर एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद दिया।
दंड के प्रश्न पर अदालत ने कहा कि दंड के सिद्धांत को दृष्टिगत रखना आवश्यक है। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपित के विरुद्ध उदार दृष्टिकोण अपनाया जाना न्याय संगत नहीं है। अदालत ने हत्या के आरोपी को उम्र कैद एवं 25 हजार रुपये के अर्थदंड एवं सबूत नष्ट करने के आरोप के लिए सात वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किए जाने का आदेश दिया।
यह था मामला
शहर के शिवकुटी थाना पर सरदार उर्फ शिव कुमार पुत्र स्वर्गीय राम सुमेर निवासी हौली पार रसूलाबाद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कल्लू उर्फ बबलू निषाद उसका लड़का सात अगस्त 2000 की रात नौ बजे उसके मकान पर निर्मल श्रीवास्तव, कमलेश, राजू व सेहत सिंह आए। उसके लड़के को आवाज देकर बुलाए। उसका लड़का जब बाहर निकला तो उसे पकड़ कर लेकर चले गए। उसके लड़के को ले जाते समय उसकी पत्नी व लड़की ने देखा मोहल्ले के और तमाम लोगों ने भी देखा। वह काफी तलाश करता रहा। उसके लड़के की लाश गंगा के किनारे रसूलाबाद घाट के पश्चिम मजार के पास गड़ी हुई मिली। जब वह शौच करने गया देखा कुत्ते लाश के चेहरे को नोच रहे थे। उसने लाश को पहचान लिया।