जिला न्यायालय ने मऊआइमा थानाक्षेत्र के अंतर्गत घर में अकेली 18 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म एवं हत्या के प्रयास के दोषी उमेश कुमार सरोज को मंगलवार को आजीवन कारावास एवं 62 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी सुभास चन्द्र मौर्य ने आरोपी के वकील और सहायक शासकीय अधिवक्ता मृत्युंजय त्रिपाठी एवं राजकुमार सोनी के तर्कों को सुनकर दिया।
मुकदमा वादी पीड़िता के पिता ने 06 जून 2015 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई और आरोप लगाया कि मेरी 18 वर्षीय पुत्री घर में अकेली थी। पहले से घात लगाए शातिर अभियुक्त उमेश कुमार सरोज पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। दुष्कर्म में असफल होने पर अभियुक्त ने पीड़िता की हत्या का प्रयास करने में धारदार औजार से पूरा शरीर गोद डाला। चीख पुकार के बाद भीड़ देखकर अभियुक्त धमकी देकर भाग गया।
वहां मौजूद लोगों ने 100 नं0 डायल किया तो मौके पर पुलिस एवं एम्बुलेंस पहुंची। याची के वकील ने अभियुक्त को निर्दोष बताते हुए कोर्ट से गुहार लगाई कि अभियुक्त गरीब विद्यार्थी है। उसे कम से कम सजा दे। जबकि, अभियोजन ने अभियुक्त को दोषी साबित करने के लिए कोर्ट के समक्ष आठ गवाह पेश किये। अभियुक्त ने पीड़िता को धारदार हथियार से 27 बार मारा। इस पर अदालत ने आरोपी उमेश कुमार सरोज को आजीवन कैद एवं 62 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।