फूलपुर के मनीपुर गांव के बुजुर्ग किसान पन्ना लाल पटेल (60) की जान फूलपुर पुलिस की करतूत नेे ले ली। अपनी फरियाद लेकर थाने पहुंचे पन्नालाल पर पुलिस समझौते का दबाव बनाती रही। उसके दोनों बेटों को भी हवालात में डाल दिया। पन्नालाल थाने में ही अचेत होकर गिर पड़ा। एसआरएन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुवार शाम पोस्टमार्टम के बाद बुजुर्ग का शव गांव पहुंचा तो तनाव के मद्देनजर कई थानों की फोर्स, पीएसी के साथ एसपी गंगापार भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस गुस्साए ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करती रही। शुक्रवार सुबह पन्नालाल का अंतिम संस्कार होगा। बाद में पुलिस ने दो आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
मनीपुर निवासी पन्ना लाल के पिता स्व. रामआधार ने कई दशक पहले गांव के अवधेश कुमार के पिता को पांच बिस्वा जमीन दी थी। आरोप है कि अवधेश कुमार के परिवार ने पन्नालाल की बाकी जमीन पर भी कब्जा कर लिया। इसे लेकर कई बार अवधेश और पन्ना लाल के परिवार में झगड़ा हुआ। बुधवार दोपहर आम तोड़ने और बाग में ईंट रखने को लेकर हुई मारपीट, पथराव में पन्नालाल गंभीर रूप से जख्मी हो गए। बेटे संतोष और अनिल उसे लेकर थाने पहुंचे। यहां पुलिस ने रिपोर्ट लिखकर उसका इलाज कराने की बजाय दोनों बेटों को ही हवालात में डाल दिया। खून से लथपथ पन्नालाल बाहर बैठा रहा। आरोप है कि पुलिस उस पर समझौते का दबाव बनाती रही। न मानने पर जेल भेजने की धमकी दी गई। थाने में तैनात एक दरोगा पैसे की मांग करता रहा। शाम को पन्नालाल अचेत होकर गिर पड़ा तब जाकर पुलिस हरकत में आई। आनन-फानन में क्रास रिपोर्ट लिखकर बुजुर्ग को सीएचसी फूलपुर इलाज को भेजा। वहां से एसआरएन अस्पताल लाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पन्ना की मौत से गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का आक्रोश देखते हुए गांव में कई थानों की फोर्स तैनात कर दी गई है। पोस्टमार्टम हाउस पर भी माहौल तनाव पूर्ण रहा। बेटों में काफी आक्रोश था। संतोष ने कहा कि पुलिस की लापरवाही से उनके पिता की जान गई। जब तक आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड नहीं किया जाएगा। शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट से मौत की बात सामने आई है।
आम तोड़ने, बाग में ईंट गिराने पर हुआ झगड़ा
बुधवार दोपहर पन्ना लाल बाग की तरफ गया तो देखा कि अवधेश के घर के बच्चे आम तोड़ रहे हैं और ईंट भी गिरवाई गई है। इसे लेकर ही विवाद बढ़ा। अवधेश की तरफ से रामकुमार, राजेश, ब्रजेश, मनीष के साथ महिलाएं लाठी, डंडा लेकर दौड़ीं और पन्नालाल को पीटा। शोरगुल सुनकर पन्ना के बेटे संतोष, अनिल और दूसरे लोग पहुंचे। दोनों तरफ से जमकर लाठी,डंडा और ईंट-पत्थर चला। दोनों पक्षों से कई लोग जख्मी हुए लेकिन पन्नालाल के सिर पर पत्थर लगा और लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।