बाहर रहकर खुलेआम दबंगई करने वाले अतीक अहमद की कारगुजारी जेल के भीतर से भी जारी है। सैकड़ों किमी दूर स्थित अहमदाबाद जेल में बंद होने के बावजूद शहर में धमकाने व रंगदारी मांगने के मामलों में उसका नाम सामने आ रहा है। इसी को देखते हुए अब जिला पुलिस की ओर से अहमदबाद जेल प्रशासन को पत्र भेजकर अतीक की निगरानी कड़ी करने के लिए जरूरी कदम उठाने की गुजारिश की गई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अतीक पिछले साल तीन जून को नैनी से गुजरात के अहमदाबाद जेल भेजा गया था। इससे पहले देवरिया जेल में रहने के दौरान उस पर लखनऊ के कारोबारी मोहित अग्रवाल व एक अन्य को अपहृत कर जेल में ले जाने व पीटने का आरोप लगा था। माना यही जा रहा था कि सैकड़ों किमी दूर स्थित गुजरात की जेल में शिफ्ट होन के बाद उस पर शिकंजा कसा जा सकेगा। लेकिन इसका कोई फायदा होता नहीं दिख रहा है। जेल में बंद होने के बावजूद आपराधिक मामलों में उसकी नामजदगी तो यही इशारा कर रही है।
1- हत्या के गवाह को धमकाया
इसी साल अप्रैल में अतीक पर हत्या के गवाह को धमकाने का मुकदमा लिखा गया। आरोप लगा कि 2017 में हुए रवि पासी हत्याकांड के गवाह कसारी मसारी निवासी नबी अहमद को जेल में बंद अतीक व उसके गुर्गे तोता के इशारे पर घर में घुसकर उसके गुर्गों ने गवाही न देने के लिए धमकाया।
2- धमकाने के साथ ही मांगी रंगदारी
जेल में रहने के दौरान अतीक पर दूसरा मुकदमा एक दिन पहले जैद खालिद ने धूमनगंज थाने में दर्ज कराया जिसमें आरोप लगाया गया कि अतीक के इशारे पर उसके गुर्गों ने न सिर्फ मुकदमा वापस लेने के लिए धमकाया बल्कि 15 लाख की रंगदारी भी मांगी।
3- फोन से की थी बातचीत, ऑडियो हुआ था वायरल
जेल के भीतर रहने के दौरान ही फोन से अतीक की बातचीत का ऑडियो भी वायरल हुआ था। पिछले साल दिसंबर में वायरल ऑडियो में अतीक कथित तौर पर उसी जैद खालिद से बातचीत करता सुनाई पड़ रहा था जिसने उस पर जनवरी 2019 में देवरिया जेल ले जाकर पीटने का आरोप लगाया था। 6.03 मिनट के इस ऑडियो में दोनों के बीच देवरिया जेल प्रकरण के अलावा 200 वर्ग गज की किसी जमीन को लेकर भी बातचीत होती है। पुलिस अफसरों ने इस ऑडियो की जांच कराने की भी बात कही थी लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
- यह सही है कि जेल में बंद होने के बावजूद अतीक अहमद का नाम आपराधिक घटनाओं में आ रहा है। जिला पुलिस की ओर से ऐसे मामलों में विधिक कार्रवाई भी की गई है। इस संबंध में अहमदाबाद जेल प्रशासन को एक पत्र उच्चाधिकारियों के माध्यम से भेजा गया है। इसमें अतीक पर हाल ही में दर्ज मामलों का उल्लेख करते हुए निगरानी कड़ी करने के लिए कहा गया है।- अभिषेक दीक्षित, एसएसपी, प्रयागराज।