Lessons not taken from seven deaths, character verification work incomplete
प्रयागराज। जहरीली शराब से सात लोगों की मौत होने की घटना से भी सबक नहीं लिया गया। जिले में शराब अनुज्ञापियों व सेल्समैनों के चरित्र सत्यापन का कार्य अब तक पूरा नहीं किया जा सका। एडीजी जोन ने इस लापरवाही को गंभीरता से लिया है। उन्होंने पत्र लिखकर न सिर्फ प्रयागराज बल्कि आठों जनपदों में अभियान चलाकर चरित्र सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं।
पिछले साल 20 व 21 नवंबर को जहरीली शराब पीने से फूलपुर के मैलहन समेत तमाम गांवों के सात लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में अनुज्ञापी समेत कुल सात लोगों को जेेल भेजा गया था। जांच में पता चला था कि वह पहले भी गांजा व अन्य मादक पदार्थों की तस्करी में जेल जा चुका था। इसके बाद ही आबकारी व पुलिस अफसरों ने जिले भर के शराब अनुज्ञापियों का चरित्र सत्यापन फिर से कराने की बात कही थी। आदेश थानों तक पहुंचा और कुछ जगहों पर रिकॉर्ड एकत्र भी किए गए लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए, आदेश भी हवा हो गया। हाल यह है कि डेढ़ महीने बीतने के बाद भी अब तक यह काम पूरा नहीं किया जा सका है। इस लापरवाही पर एडीजी जोन ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सभी आठ जनपदों के कप्तानों को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि शराब अनुज्ञापियों व सरकारी ठेकों के सेल्समैनों का चरित्र सत्यापन पूरी गंभीरता से कराया जाए।
हालांकि एसपी गंगापार धवल जायसवाल ने दावा कि उनके क्षेत्र में हंडिया थाना क्षेत्र की कुछ दुकानों को छोड़कर अन्य सभी के अनुज्ञापियों का चरित्र सत्यापन करा लिया गया है।
प्रयागराज, बल्कि जोन के सभी आठ जनपदों में शराब अनुज्ञापियों व सेल्समैनों का चरित्र सत्यापन कराए जाने का निर्देश दिया गया है। यह भी कहा गया है कि किसी का भी आपराधिक इतिहास मिलता है तो उच्चाधिकारियों के माध्यम से आबकारी विभाग को रिपोर्ट प्रेषित की जाए। कार्य में किसी तरह की लापरवाही हुई, तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।
प्रेमप्रकाश, एडीजी जोन प्रयागराज