छह महीने पहले निदेशक की कार के आगे कूद पड़ा था तेंदुआ
एचआरआई परिसर में तेंदुए की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। इससे पहले 14 मई की रात तेंदुआ संस्थान के निदेशक उज्ज्वल सेन की कार के आगे अचानक कूद पड़ा था। तेंदुए को अचानक सामने देखकर परिसर में हलचल मच गई थी। तेंदुए के दोबारा दिखाई देने के बाद एचआरआई प्रशासन ने परिसर में रहने वाले वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और अन्य कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
एक साल दो महीने से परिसर में डेरा डाले है तेंदुआ
वन विभाग के अनुसार, संस्थान में पहली बार 12 अक्तूबर 2025 को तेंदुआ देखा गया था। इसके बाद वन विभाग ने तेंदुए की निगरानी और उसे पकड़ने के लिए परिसर में पांच रात्रि दृष्टि कैमरे और चार पिंजरे लगाए थे। इसके बावजूद तेंदुआ अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आया है।
25 किलोमीटर के दायरे में लगातार दिख रहे तेंदुए से दहशत
सैदाबाद से हनुमानगंज और झूंसी तक करीब 25 किलोमीटर के दायरे में पिछले डेढ़ साल से तेंदुए की मौजूदगी ग्रामीणों और शहरवासियों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। इस साल जनवरी में झूंसी के छिबैया गांव से एक तेंदुआ पकड़ा भी जा चुका है। आखिर इस पूरे क्षेत्र में कितने तेंदुए घूम रहे हैं, इसका स्पष्ट जवाब वन विभाग के अधिकारियों के पास भी नहीं है। चार दिन पहले हनुमानगंज में तेंदुआ दिखने की सूचना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी।
वन विभाग बोला- एक ही तेंदुआ, लगातार बदल रहा ठिकाना
फूलपुर के वन क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकांत दुबे ने बताया कि क्षेत्र में एक ही तेंदुआ है, जो लगातार अपना स्थान बदल रहा है। उन्होंने मंगलवार रात हनुमानगंज में तेंदुआ देखे जाने की बात से इन्कार किया। उन्होंने बताया कि निगरानी कैमरे की फुटेज से यह स्पष्ट हो गया है कि एचआरआई परिसर के भीतर तेंदुआ मौजूद है। वन विभाग की टीम तेंदुए की गतिविधियों पर भी नजर रख रही है।