मलखानपुर धनैचा गांव में तेंदुआ के पैर के निशान।
- फोटो : अमर उजाला।
वन विभाग की टीम और ग्रामीण अंधेरा होने तक आदमखोर भेड़िए को दबोचने के लिए लाठी-डंडा, बंदूक और जाल बिछाकर मौके पर डटे रहे। सुबह से लेकर देर शाम तक ग्रामीण लगातार शोर मचाकर लोगों को आगाह करते रहे कि भागो-भागो, सब बचाओ अपनी जान, गांव की बस्ती में तेंदुआ घुस आया है। आसपास की बस्ती तक यह चीख पहुंची तो खलबली मच गई।
अन्य गांव के युवक भी हाथ में लाठी-डंडा लेकर मौके पर पहुंच गए थे। 31 मई 2017 में भी हनुमानगंज के दलापुर गांव में एक आदमखोर तेंदुआ जंगल से रास्ता भटककर पटेल बस्ती में घुस गया था। कई घंटे की भारी मशक्कत के बाद वनकर्मियों ने उसे दबोचा और पिंजड़े में डाला था। वह गांव के फूलचंद्र पटेल के कच्चे मकान में घुसकर जा बैठा था। शनिवार को धनैचा-मलखानपुर गांव में भी कुछ ऐसा ही नजारा रहा।
इंसेट
गिरते-पड़ते बच्चों को लेकर भागीं महिलाएं
झूंसी। चरी के खेत से भागकर तेंदुआ दूसरे खेत की ओर भागा तो वहां मौजूद बस्ती की महिलाओं और बच्चों के होश ही उड़ गए। आनन-फानन में महिलाएं अपने बच्चों को लेकर घर की ओर भागीं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और वन विभाग की टीम महिलाओं और बच्चों को वहां से लगातार हटने को बोल रहे थे। इसके बावजूद सर्च आपरेशन के दौरान लोगों की भारी भीड़ वहां जुटी रही।
हनुमानगंज इलाके में पेड़ पर चढ़ा तेंदुआ।
- फोटो : अमर उजाला।
सुबह से लेकर शाम तक गांव में मचा रहा हड़कंप, जुटी रही भारी भीड़
सरायइनायत थाना क्षेत्र के धनैचा-मलखानपुर गांव में तेंदुए के दाखिल होने से सुबह से लेकर देर शाम तक हड़कंप मचा रहा। गांव मौर्य, ठाकुर और यादव बाहुल बस्ती के सामने स्थित चरी के खेत के आसपास दिनभर मेले जैसा ग्रामीणों का जमावड़ा लगा रहा। जो भी गांव के रास्ते से होकर गुरजता, तेंदुए के दाखिल होने की बात सुनकर वहीं रूक जाता। सुबह आठ बजे से देर शाम तक ग्रामीणों की भारी भीड़ बस्ती के बाहर जुटी रही। मौके पर सरायइनायत थाने की पुलिस फोर्स के साथ वनकर्मी अपने पूरे सुरक्षा सामानों के साथ मौके पर मुस्तैद रहे।
झूंसी और हनुमानगंज के कई गांव के ग्रामीण तेंदुआ देखने गांव पहुंचे
हनुमानगंज के धनैचा-मलखानपुर गांव में तेंदुए के दाखिल होने की सूचना देखते ही देखते जंगल में आग की तरह फैल गई। इसके बाद तो कुछ घंटों में ही झूंसी से लेकर हनुमानगंज के दो दर्जन से ज्यादा गांव के ग्रामीण तेंदुए को देखने के लिए धनैचा मलखानपुर गांव पहुंचने लगे। शाम पांच बजे तक भारी संख्या में आसपास के गांव की महिलाएं और पुरूष अपने बच्चों के साथ तेंदुए को देखने को मलखानपुर गांव पहुंची थीं।
पांच दशक पहले गांव में घुसा था तेंदुआ, ग्रामीणों ने मार डाला था
तकरीबन पांच दशक पहले भी हनुमानगंज के दलापुर गांव में तेंदुआ दाखिल हुआ था। तब गांव की आबादी बेहद कम थी। साथ ही गांव के आसपास जंगल जैसे हालात थे। इसी दौरान एक आदमखोर तेंदुआ गांव की बस्ती में घुस गया था। तब ग्रामीणों ने उसे लाठी-डंडे और भाले के दम पर उसे दबोच लिया और मौत के घाट उतार दिया। शनिवार को जब आदमखोर तेंदुआ गांव की बस्ती में दाखिल हुआ तो पांच दशक पहले घुसे तेंदुए की चर्चा ग्रामीणों की जुबान पर आ गई।