हरिश्चंद्र शोध संस्थान में तेंदुआ दिखने पर मचा रहा हड़कंप।
- फोटो : अमर उजाला।
छतनाग श्मशान घाट पर भी देखा गया था तेंदुआ
तेंदुए को शुक्रवार की रात छतनाग के श्मशान घाट के पास भी देखा गया था। हरिश्चंद्र शोध संस्थान के वॉच टावर पर तैनात सुरक्षा कर्मी ने यह जानकारी वन विभाग के अधिकारियों की दी है। सुरक्षाकर्मी ने बताया कि तेंदुआ श्मशान घाट के किनारे बने शिव मंदिर के पास में बैठा हुआ था। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसके बाद वह बाढ़ के दौरान गिरे शोध संस्थान की बाउंड्री पार कर परिसर में घुस गया। संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ ही शोधार्थियों को भी रात में कमरे से बाहर निकलने से मना किया गया है।
हरिश्चंद्र शोध संस्थान में तेंदुआ दिखने पर मचा रहा हड़कंप।
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गांव से निकलकर झूंसी की घनी आबादी में तेंदुए के घुसने से लोगों में मचा रहा हड़कंप
गंगापार के हनुमानगंज के गांव की झाड़ियां से निकलकर झूंसी की घनी आबादी में आदमखोर तेंदुए के पहुंचने से शनिवार की आधी रात तक लोगों में हड़कंप मचा रहा। छतनाग वार्ड के छतनाग गांव में हरिश्चंद्र शोध संस्थान आता है। हरिश्चंद्र शोध संस्थान के बगल में ही बिरला गेस्ट हाउस और एमपी बिरला शिक्षा भवन एवं इंटर कॉलेज भी है। इसके बगल में सदाफलदेव आश्रम है जहां साधु संत एवं सेवक रहते हैं। यहीं से छतनाग रोड तक तकरीबन आधा दर्जन गांव और तकरीबन इतनी ही प्राइवेट कालोनियां भी हैं जहां पर हजारों की संख्या में लोग रहते हैं।
जैसे ही देर शाम को यह बात फैली कि हरिश्चंद्र संस्थान परिसर के भीतर तेंदुआ घुसा हुआ है। आसपास के लोगों में खलबली मच गई। लोग अनहोनी के डर से देर रात तक अपने-अपने घरों में सचेत रहे। छतनाग गांव के बगल में ही उस्तापुर महमूदाबाद,नयका महीन, देवनगर कॉलोनी, मायापुरी कॉलोनी, सरायतकी कॉलोनी और ठीक बगल में आवास विकास कॉलोनी योजना तीन में बसी घनी आबादी है। इससे आगे छतनाग रोड पर बढ़े तो चक हरिहरवन की घनी बस्ती है। ऐसे में लोग इस आशंका को लेकर डरे हुए थे कि अगर आदमखोर तेंदुआ हरिश्चंद्र संस्थान परिसर से बाहर निकलकर बस्ती में आ गया तो फिर क्या होगा।