इलाहाबाद (ब्यूरो)। वर्तमान दौर में एकल परिवार असहजता खड़ी कर रहे हैं। परिवार के बच्चों एवं बजुर्गों के बीच संवादहीनता खत्म करने के लिए अभिभावकों का चाहिए कि वह बच्चों को एक अंतर्देशीय पत्र पर दादा-दादी के नाम पत्र लिखने को प्रेरित करें। प्रधान डाकघर इलाहाबाद में राष्ट्रीय डाक सप्ताह के मौके पर डाक टिकट कैसे संग्रह किया जाए विषय पर आयोजित फिलेटलिक कार्यशाला में 250 से अधिक स्कूली बच्चाें, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने भागीदारी की। इस मौके पर सीनियर फिलेटिलिस्ट एवं अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषी बंसल ने डाक सामग्री को संग्रह कैसे किया जाए एवं उसका उपयोग कैसे किया जाए के बारे में जानकारी दी।
कार्यशाला के दौरान उन्होंने नियत डाक टिकट एवं स्मारक डाक टिकट के साथ प्रथम दिवस आवरण विवरणिका के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान बच्चों को फिलेटिलिक जमा खाते के बारे में बताया गया कि कम से कम दो सौ रुपये से प्रधान डाकघर में फिलेटिलिक ब्यूरो में खोला जा सकता है। कार्यशाला के उपरांत बच्चों से अंतर्देशीय पत्र पर अपने दादा-दादी को पत्र लेखन को कहा गया। इस पत्र को दादा-दादी को प्रेषित किया गया। कार्यक्रम में सीनियर पोस्ट मास्टर आरएन यादव, एसएन मिश्र, आरपी श्रीवास्तव, आरएन शुक्ल, संतोष सिंह, अनिल कुमार रस्तोगी, राहुल गांगुली मौजूद रहे।