फरारी में भी तो नहीं की मदद?
फर्जी पते पर आधार बनवाने में मददगार के तौर पर नाम सामने आने के बाद कई और सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह भी है कि आतंकी लजर के पंजाब पुलिस की हिरासत से फरार होने में भी तो मेडिकल अफसर ने मदद नहीं की? दरअसल, पंजाब में पिछले साल उसे हथियारों व ड्रग तस्करी के मामले में जेल भेजा गया था। जेल में गैंगवार में घायल होने के बाद वह अमृतसर स्थित गुरुनानक देव अस्पताल में भर्ती हुआ। इसके बाद 24 सितंबर 2024 को वह वहां से फरार हो गया। एसटीएफ व पंजाब पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि फरारी में भी उसका मददगार मेडिकल अफसर ही तो नहीं ?
फर्जी पते पर बने आधार पर लिया था सिम
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह बात भी सामने आई है कि फर्जी पते पर बने आधार के जरिए ही उसने एक सिम कार्ड भी खरीदा था। 16 दिसंबर 2024 को यह सिम कार्ड खरीदा गया, हालांकि शातिर आतंकी इस सिम का इस्तेमाल कॉलिंग के लिए नहीं करता था। केवल हॉटस्पॉट के लिए ही वह इसका इस्तेमाल करता था।