प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त सचिव आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश मे अधिवक्ताओ पर बढ़ते हमले दुर्भाग्यपूर्ण हैं। अधिवक्ता न्याय का सजग प्रहरी है और यदि अधिवक्ता ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो न्यायालयो में न्याय मिलना असंभव हो जाएगा।
कासगंज जिला अदालत से महिला अधिवक्ता मोहिनी तोमर की अपहरण के बड़ा हुई जघन्य हत्या मामले की ने न्यायिक जांच कराए जाने, परिवारजनों को 50 लाख की आर्थिक सहायता और प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू कराने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने आंबेडकर चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त सचिव आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश मे अधिवक्ताओ पर बढ़ते हमले दुर्भाग्यपूर्ण हैं। अधिवक्ता न्याय का सजग प्रहरी है और यदि अधिवक्ता ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो न्यायालयो में न्याय मिलना असंभव हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोलकाता में एक महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद व नृशंस हत्या का स्वत संज्ञान सुप्रीम कोर्ट ने लिया, उसी तरह महिला अधिवक्ता की हत्या का भी संज्ञान लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान पूर्व कार्यकारिणी सदस्य दीपांकर द्विवेदी, दिलीप यादव, मनोज शुक्ला, आरपीएन मिश्रा, मनोज पांडेय, मदन तिवारी, त्रयंम्बक मिश्रा, अभिषेक शुक्ला, आदर्श शुक्ला, अमित पांडेय, चंद्र प्रकाश पांडेय, अनिरुद्ध पांडेय, अमित तिवारी, मनीष सिंह, आनंद पांडेय, शैलेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे।