किसान नेता अनुज सिंह ने कहा कि उद्योगपतियों को 24 घंटे बिजली दी जा रही है और किसानों को कई खंड में आठ घंटे बिजली दी जा रही है, जिससे फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, लोग अंधेरे और गर्मी में रहने के लिए बाध्य हैं। पीडीए के अधिकारी वादा खिलाफी कर रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में किसानों ने बिजली, पानी, सड़क आदि समस्याओं को लेकर सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर पर गुरिल्ला आंदोलन किया। किसान नेता अनुज सिंह ने कहा कि अधिकारी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कई महीनों से आंदोलन किया जा रहा है लेकिन उसका कोई निष्कर्ष नहीं निकल रहा है। धरना प्रदर्शन स्थल पर पहुंचर अधिकारी मांग पत्र लेकर उसे ठंडे बस्ते में डाल दे रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारी किसानों के साथ वादा खिलाफी और मक्कारी कर रहे हैं। भूमि का अधिग्रहण तो किया गया है लेकिन उसका मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। नियमों के विपरीत जाकर किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण कानून 2013 यह कहता है कि जब तक सत्तर फीसदी किसानों की सहमति न हो भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके विपरीत कार्य किया जा रहा। पुराना मुआ लेकिन दो साल से लगातार आंदोलन चल रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
उद्योगपतियों को दी जा रही है 24 घंटे बिजली
किसान नेता अनुज सिंह ने कहा कि उद्योगपतियों को 24 घंटे बिजली दी जा रही है और किसानों को कई खंड में आठ घंटे बिजली दी जा रही है, जिससे फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, लोग अंधेरे और गर्मी में रहने के लिए बाध्य हैं। पीडीए के अधिकारी वादा खिलाफी कर रहे हैं। पुराने अधिग्रहण का मुआवजा अभी मिला नहीं है कि 22 नए गांवों में अधिग्रहण शुरू कर दिया गया है। इससे करीब 66 हजार से अधिक किसान प्रभावित हो रहे हैं। अब किसान आर पार की लड़ाई के मूड़ में हैं।