भारतीय संस्कृति से होंगी रूबरू
महाकुंभ के दौरान लाॅरेन पाॅवेल सादगी भरा जीवन बिताते हुए संगम की रेती पर जहां सनातन की संस्कृति से परिचित होंगी, वहीं आध्यात्मिक ज्ञान भी प्राप्त करेंगी। कैलाशानंद गिरि के शिविर में रहकर वह शिव तत्व को जानने और सनातन संस्कृति को करीब से समझने का प्रयास करेंगी।
महाकुंभ में लॉरेन पॉवेल आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कॉटेज में ठहरेंगी और संतों की संगत में समय बिताएंगी। वह महाकुंभ के पहले दिन संगम में डुबकी लगाने के साथ ही दो सप्ताह तक कल्पवास प्रारंभ कर दिया है। वह कैलाशानंद के शिविर में होने वाले महायज्ञ की मुख्य यजमान भी बनेंगी।
लॉरेन पॉवेल को नया नाम कमला दिया गया है। लॉरेन हमारी शिष्या हैं और हम उन्हें बेटी जैसा स्नेह देते हैं। महाकुंभ में वह अपने गुरु से मार्गदर्शन लेंगी और संतों-महात्माओं का सानिध्य प्राप्त करेंगी।
- आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि, निरंजनी अखाड़ा