दोनों ने किया है प्रेम विवाह
फिरोज ने काव्या सिंह राजपूत से प्यार होने के बाद शादी कर ली थी। खास बात यह रही कि दोनों ने अपने रिश्तेे के बीच अपनी-अपनी रवायतों को जिंदा रखने के साथ ही अपने धर्म को यथावत मानते रहने का निर्णय लिया। काव्या हमेशा गंगा स्नान करती हैैं। इस बार महाकुंभ लगने पर उन्होंने संगम में डुबकी लगाने के लिए अपने पति फिरोज से जिद की। लेकिन, अखाड़ा परिषद की चेतावनी और धर्माचार्यों की धमकी की वजह से उन्होंने पहले तो ना की फिर मान गए। फिरोज अपने खास दोस्त मैैक्स को भी साथ ले आए।
फिरोज ने काव्या और मैक्स के साथ संगम तक पहुंचने के लिए पैदल करीब आठ किमी की यात्रा की। मैक्स को उन्होंने डाॅग साइलेंसर लगा रखा था। फिरोज दिन के 11:30 बजे संगम पहुंचे। वहां उन्होंने आचमन के बाद तन-मन को पवित्र किया। त्रिवेणी की पावन धारा की पूजा की और फिर पत्नी काव्या का हाथ थाम कर डुबकी लगाने लगे। बाद में उन्होंने मैक्स को भी गंगा जल से पवित्र किया। फिरोज ने बताया कि वह पत्नी के साथ हरिद्वार कुंभ में भी डुबकी लगाने पहुंचे थे।
मैने गलत धारणा रखने वाले मुसलमानों को आगाह किया है। जो लोग खाना में पानी में थूकते या चुपके से गंदगी कर धर्म को नष्ट करने की गंदी हरकत करते हैं, ऐसे लोगों को चेताया गया है कि वह अपनी धारणा बदलें। बाकी महाकुंभ में सही धारणा लेकर आने वाले मुसलमानों का भी स्वागत है। - श्रीमहंत रवींद्र पुरी , अध्यक्ष-अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद।