इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने सोमवार को भी किया कार्य बहिष्कार।
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मामले की जांच के लिए हाईकोर्ट ने गठित की है कमेटी
इस मामले में एसआईटी के गठन कर दिया गया है। जिसकी रिपोर्ट 15 सितंबर को हाईकोर्ट में पेश की जानी है। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर ने वकीलों की मांग के संबंध में छह सदस्यीय कमेटी का भी गठन कर दिया है, जिसमें तीन हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शामिल हैं। यह कमेटी न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में गठित की गई है। इसमें सदस्य के तौर पर यूपी के महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्र के अलावा यूपी बार काउंसिल के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ और इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह शामिल हैं।
आज से शुरू होना था कामकाज, लेकिन नहीं बनी बात
शनिवार को बार काउंसिल ने आंदोलन की रणनीति तैयार कर सोमवार से काम पर वापस लौटने की घोषणा की थी, लेकिन इस पर मतभेद उत्पन्न हो गया। जिससे सोमवार से कामकाज शुरू करने असमंजस कायम हो गया। उधर, लखनऊ हाईकोर्ट बार और अन्य अर्ध न्यायिक अदालतों के वकीलों ने सोमवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहने का एलान कर दिया है। इसको देखते हुए बार काउंसिल की बैठक रविवार को रात्रि नौ बजे बुलाई जिसमें कार्य बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया गया।
हाईकोर्ट के साथ कचहरी और तहसील के वकील नहीं कर रहे काम
हापुड़ लाठीचार्ज मामले में बार काउंसिल के अहवाहन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट और जिला अधिवक्ता संघ ने भी सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने की घोषणा कर दी है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव प्रेस अमरेंदु सिंह और जिला अधिवक्ता संघ के मंत्री विद्या वारिधि मिश्र ने बताया की बार काउंसिल के दिशानिर्देश पर वकील सोमवार को अदालती कार्य नहीं करेंगे।